Wednesday, October 27, 2021

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सुरक्षा चूक ही नहीं, आपराधिक लापरवाही है अनपरा विद्युत संयंत्र में लगी आग: दिनकर

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सोनभद्र। अनपरा व ओबरा में लगातार हो रही आगजनी की घटनाएं सुरक्षा चूक के कारण हैं और यह आपराधिक लापरवाही है। हालात इतने बुरे हैं कि इन परियोजनाओं में आयुक्त कारखाने के पास दर्ज की गयी शिकायत पर आई जांच टीम के निर्देश के बावजूद एक सुरक्षा अधिकारी तक तैनात नहीं किया गया। लगातार हम सुरक्षा के सम्बंध में मुख्यमंत्री से लेकर एमडी और प्रबंधन को लिख रहे हैं लेकिन न्यूनतम ध्यान नहीं दिया गया।

आज भी हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जा रहे। कल बंद पड़ी पांचवीं ईकाई में हुई आगजनी की घटना में भी जैसी रिपोर्ट है कि यदि वेल्डिंग करते समय उसकी चिंगारी रोकने के लिए एडवेक्टस क्लाथ पेपर को बिछाया गया होता तो यह दुर्घटना न होती और करोड़ों के नुकसान से बचा जा सकता था। लिहाजा इस घटना की न्यायिक जांच करायी जानी चाहिए और फिर उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ये बातें आज अनपरा में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्रम बंधु व वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने कहीं।

पत्रकार वार्ता के दौरान ही पूर्व आईजी व स्वराज अभियान नेता एसआर दारापुरी की लखनऊ में उनके घर से हुई गिरफ्तारी की उन्होंने कड़ी निंदा की और उन्हें अविलम्ब रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अनपरा में तो खुलेआम मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। बिना गेट पास के गैंग गेट पास बनवाकर मजदूरों से काम कराया जा रहा है जिनका कोई रिकार्ड नहीं है। 12 जनवरी को पिपरी में आयोजित ठेका मजदूर यूनियन के सम्मेलन में इस पर राजनीतिक प्रस्ताव लिया जायेगा और इसी सम्बंध में 10 जनवरी को अपर श्रमायुक्त पिपरी के यहां आयोजित वार्ता में यह सवाल उठाया जायेगा।

पत्रकार वार्ता में मौजूद स्वराज अभियान नेता राजेश सचान ने कहा कि वर्तमान योगी व पूर्ववर्ती सपा-बसपा की सरकारों ने बेहद सस्ती बिजली देने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण अनपरा परियोजना भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। दरअसल खर्च में कटौती के नाम पर अनुरक्षण कार्यों के बजट में लगातार कमी की जा रही है, संविदा कार्यों में लगे मजदूरों की भारी कमी की गई। घटिया किस्म के उपकरण अनुरक्षण कार्यों में लगाये जा रहे हैं और बिना समुचित मेंटिनेंस के ही परियोजना चलायी जा रही है।

यहां तक कि जो अभियंता जिस काम में दक्ष हैं उन्हें अन्य जगहों पर जिसका उन्हें अनुभव नहीं है, तबादला कर दिया जा रहा है। सरकार की नीतियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं पर ध्यान देने और ठीक करने की जगह इंजीनियरों और कर्मचारियों को दण्ड़ित किया जा रहा है। प्रदेश में हालत यह है कि सस्ती बिजली पैदा करने के लिए अनपरा जैसी परियोजना में थर्मल बैंकिंग करायी जाती है और उसी समय अम्बानी से महंगी दरों पर बिजली खरीदी जाती है। सार्वजनिक क्षेत्र को बर्बाद करने की इन नीतियों का चैतरफा विरोध किया जायेगा व जनअभियान चलाया जायेगा।

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