सोनभद्र में नाबालिग बच्चों को जेल भेजने का बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान, प्रशासन को दिया कार्रवाई का निर्देश

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विशेष गुप्ता एक आयोजन में।

दुद्धी/सोनभद्र। आदिवासी रामसुंदर गोंड़ की हत्या मामले में दोषियों की जगह पीड़ितों पर ही मुकदमा करने और उसमें नाबालिग बच्चों को फंसाए जाने पर राज्य बाल संरक्षण आयोग ने जिले के एसपी को नोटिस भेजा है। आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता ने यह नोटिस अपने पैड पर भेजी। स्वराज अभियान के नेता दिनकर कपूर ने पत्र लिख कर मामले की शिकायत की थी। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से कहा था कि वह नाबालिग बच्चों से जुड़े इस मामले का संज्ञान लें। नतीजतन आयोग के अध्यक्ष ने एसपी को जेल भेजने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर एक हफ्ते में आख्या देने का निर्देश दिया है।

इस संबंध में दिनकर कपूर ने प्रेस को जारी अपने बयान में कहा कि आरएसएस भाजपा की सरकार में कानून का राज नहीं है ये सरकार आदिवासियों पर बड़ी विपत्ति है। खनन माफियाओं के इशारे पर सीओ दुद्धी के नेतृत्व में काम कर रही पुलिस ने नाबालिग बच्चों को भी नहीं बख्शा और फर्जीवाड़ा कर कानून के विरुद्ध उन्हें मिर्जापुर जेल भेज दिया। यह बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन है। कानून के मुताबिक बच्चों को जेल नहीं बाल संरक्षण गृह भेजा जायेगा। लेकिन पुलिस ने यह नहीं किया। जिस पर अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग को पत्रक दिया गया था और उन्होंने कार्यवाही की है।

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उन्होंने उम्मीद जताई कि सोनभद्र जिला पुलिस प्रशासन इसके बाद तत्काल दुद्धी सीओ को उनके पद से हटाएगा और जिन लोगों ने भी इस तरह की गैर कानूनी पहल की है उनके विरुद्ध कार्रवाई करेगा।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित खबर।)

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