2025

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तज़ू ही सही: आइए, नये साल का स्वागत करें!

नहीं निगाह में मंजिल तो जुस्तज़ू ही सहीनहीं विसाल मयस्सर तो आरज़ू ही सही/गर इंतज़ार है कठिन… Read More