Sunday, October 17, 2021

Add News

agriculture

जंह जंह पांव पड़े कॉरपोरेट के, तंह तंह खेती का बंटाढार

सार रूप में कहानी यह है कि आधी रात में अलाने की भैंस बीमार पड़ी। बीमारी समझ ही नहीं आ रही थी। उन्हें किसी ने बताया कि ठीक यही बीमारी गाँव के फलाने की भैंस को भी हुयी थी।...

बीजेपी के बंगाल में सत्ता के सपनों पर किसान मोर्चे का तुषारापात

किसान आंदोलन की गूंज बंगाल के चुनाव में सुनाई देने लगी है। किसान एकता मंच ने एक अपील देश के उन राज्यों जहां फिलहाल चुनाव हो रहे हैं, के मतदाताओं से की है, कि वे देश और जनहित में...

सहजानंद जयंती पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग के साथ पटना में किसान मार्च

बिहार में अंग्रेजी कंपनी राज व जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ चले जुझारू किसान आंदोलन के महान नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकपा-माले व अखिल भारतीय किसान महासभा के संयुक्त बैनर तले...

भारतीय कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं महिलाएं

यदि एक शब्द में इस सौ दिन से चल रहे किसान आन्दोलन की उपलब्धि बतायी जाए तो वह है जनता का तंद्रा से उठ खड़ा होना। यानी जाग जाना, जागरूकता। जनता में अपने अधिकारों और श्रम की उचित कीमत...

कृषि मंत्री जी! कृषि कानून सिर्फ काले नहीं; घोटाले, गद्दारी और विश्वासघात से भी भरे हुए हैं

कृषि कानूनों पर देश की संसद में हुयी बहस का जवाब देते हुये कृषि मंत्री और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा है कि "उन्हें आज तक किसी ने बताया ही नहीं कि...

तन्मय के तीर

(देश का कृषि क्षेत्र अपने इतिहास के सबसे संकट के दौर में है। कारपोरेट पूरी कृषि को हड़प जाने पर आमादा है। और मोदी सरकार उसकी पूरी मदद कर रही है। आधुनिक भारत के निर्माता जवाहरलाल नेहरू कभी कहते...

भारत माता की जय बोलते हैं और धरती का सौदा करते हैं!

कल जब मैं गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों से बात कर रहा था तो नानक ताऊजी नाम के एक 90 साल के बुजुर्ग ने बीजेपी और मोदी सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत माता की जय बोलते हैं...

कृषि कानून: मकान और कपड़ा के बाद अब रोटी पर कॉरपोरेट के कब्जे की तैयारी

(आज इलाहाबाद में संवाद द्वारा 'कृषि कानून-2020' विषय पर एक सामूहिक चर्चा  आयोजित की गयी। इसमें बतौर मुख्य वक्ता कवि, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता सुशील मानव ने हिस्सा लिया। पेश है इस मौके पर उनके द्वारा रखा गया पूरा...

सुधार कृषि के नाम पर और लाभ अडानी ग्रुप को!

तीनों किसान कानूनों को वापस लेने में सरकार के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट है अडानी ग्रुप द्वारा कृषि सेक्टर में भारी भरकम निवेश और उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद करीबी होना। भाजपा सांसद डॉ. सुब्रमण्यन स्वामी का एक...

कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर आज लोहड़ी मनाएंगे किसान

आज किसान आंदोलन का 49वां दिन है। आज लोहड़ी का दिन है और किसान आज भी सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, कुंडली बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर व शाहजहांपुर बॉर्डर पर आंदोलनरत हैं।  किसान यूनियनों ने अपील किया है कि...
- Advertisement -spot_img

Latest News

700 शहादतें एक हत्या की आड़ में धूमिल नहीं हो सकतीं

11 महीने पुराने किसान आंदोलन जिसको 700 शहादतों द्वारा सींचा गया व लाखों किसानों के खून-पसीने के निवेश को...
- Advertisement -spot_img

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.