Sunday, March 3, 2024

Awam

फ़ैज़ की जयंतीः ‘अब टूट गिरेंगी ज़ंजीरें, अब जिंदानों की खैर नहीं’

उर्दू अदब में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का मुकाम एक अजीमतर शायर के तौर पर है। वे न सिर्फ उर्दू भाषियों के पसंदीदा शायर हैं, बल्कि हिंदी और पंजाबी भाषी लोग भी उन्हें उतनी ही शिद्दत से मोहब्बत करते हैं।...

राहत की स्मृति: ‘वो गर्दन नापता है नाप ले, मगर जालिम से डर जाने का नहीं’

अब ना मैं हूं ना बाक़ी हैं ज़माने मेरेफिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरेकुछ ऐसे ही हालात हैं, शायर राहत इंदौरी के इस जहान-ए-फानी से जाने के बाद। उनको चाहने वाला हर शख्स, इस महबूब शायर को...

लेबनान सरकार को अवाम ने उखाड़ फेंका, राष्ट्रपति और स्पीकर को हटाने पर भी अड़ी

आखिरकार आंदोलनरत लेबनान की अवाम ने सरकार को उखाड़ फेंका। लोहिया ने ठीक ही कहा था कि जिंदा कौमें पांच साल इंतज़ार नहीं करतीं। देश भर में सरकार के खिलाफ़ भड़के गुस्से के बाद सोमवार को लेबनान सरकार की...

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आदर्श का औपचारिक बनकर रह जाना भावात्मक और बौद्धिक दुर्गति की कथा लिखता है

केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रेस वार्ता में राजनीतिक दलों एवं प्रचारकों से अनुरोध और अपील किया है कि आदर्श...