Saturday, October 23, 2021

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जातिगत जनगणना पर मोदी सरकार ने हाथ खड़े किये

 मोदी सरकार ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि पिछड़े वर्गों की जाति आधारित जनगणना‘‘प्रशासनिक रूप से कठिन और दुष्कर है और जनगणना के दायरे से इस तरह की सूचना को अलग करना सतर्क नीति निर्णय है। उच्चतम न्यायालय में...

यूपी: छोटे दलों के सहारे अति पिछड़ा, गैरजाटव और सवर्ण वर्ग के कॉकटेल से भाजपा तैयार करेगी सत्ता का जाम

परसों एक अधेड़वय पटेल मित्र से पूछा अबकी किसे वोट दे रहे, और उन्होंने बिना एक भी क्षण का समय लिये तपाक से कहा- “भाजपा को”। मुझे बिल्कुल भी अचरज़ नहीं हुआ कि उन्होंने ‘अपना दल’ क्यों नहीं कहा।...

पहचान की राजनीति को तोड़ते हुए नये फलक पर जनता के बीच एकता बना रहा है किसान आंदोलन

विगत 30 और 35 वर्षों का भारतीय लोकतंत्रिक इतिहास मूलत, पहचान की राजनीति और प्रतीकात्मकता के दायरे में ही घूमता रहा है। ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’ के कर्कश शोर के बीच, इसके समानांतर पिछड़े दलित होने की...

भागलपुर: राष्ट्रीय सामाजिक न्याय दिवस पर पिछड़ों की हकमारी के खिलाफ हुआ प्रदर्शन

भागलपुर। राष्ट्रीय सामाजिक न्याय दिवस के मौके पर बहुजन संगठनों व बुद्धिजीवियों द्वारा ओबीसी की हकमारी के खिलाफ आहूत राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत आज भागलपुर स्टेशन चौक पर साझा प्रतिवाद प्रदर्शन व सभा आयोजित की गयी। ओबीसी आरक्षण पर हमले...

वंचित समाज की राजनीतिः स्वार्थ और सत्ता से समझौते तक

भारत के जातिवादी समाज का निर्माण, धर्मसत्ता और सामंतशाही की सेवा और मेवा के लिए किया गया है। आज की धर्मसत्ता और सामंतशाही, जातिवाद को तानते, नाथते, फंदों में फंसाते, वंचितों को गुलाम बना रही है। गैर बराबरी की...

समाजवादी पार्टी की दावेदारी, अभी रोड़े हैं इस राह में

केन्द्रीय सत्ता की चाबी और राजनीति का ताला जैसा उत्तर प्रदेश, चुनावी दंगल के करीब है। बिसात बिछाने और गठबन्धन बनाने की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। ट्विटर से उलझन के बावजूद, ट्वीट के माध्यम से घात-प्रतिघात जारी है।...

अंधविश्वास के खिलाफ सतत बहुआयामी अभियान वक्त की जरूरत

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के एक गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए कुएं में फेंक दिया क्योंकि उसने लगातार तीन बेटियों को जन्म दिया औरपुत्र प्राप्ति की उसकी इच्छा की पूर्ति नहीं की। उसने पत्नी...

यूपी पंचायत चुनाव: नहीं मिली महिलाओं को स्वतंत्र जमीन

कल 14 अप्रैल को भारत एक कृतज्ञ राष्ट्र के तौर पर अपने संविधान निर्माता डॉक्टर भीम राव आम्बेडकर को उनकी 130वीं जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा था। देश के किसान कल दिल्ली की सीमा पर आम्बेडकर जयंती...

क्या मौजूदा दौर दलित राजनीति का स्वर्णिम युग है?

हाल में एक साक्षात्कार में चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने कहा है कि वर्तमान दलित राजनीति का स्वर्णिम काल है। वैसे आज अगर दलित राजनीति की दशा और दिशा देखी जाए तो यह कहीं से भी उसका स्वर्णिम काल...

प्रवासी श्रमिकों का बहुलांश दलित एवं पिछड़ी जातियां हैं

(इंडियन एक्सप्रेस में 9 जून को प्रकाशित सर्वे के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी आपदा के बाद अपने घरों को पलायन करने वाले श्रमिक दलित एवं पिछड़ी जातियों से हैं) भारत में कोरोना वायरस आपदा के शुरू होने के पश्चात बड़े...
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सीबीआई की एफआईआर के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार के मुकदमे की सुनवाई 16नवंबर को

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को भारत के संविधान, 1950 के अनुच्छेद 131 के तहत पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा दायर मुकदमे में सुनवाई...
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