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राजनीति

लोकसभा चुनाव 2024: 93 प्रतिशत सांसद करोड़पति, धन बल से कमजोर होता लोकतंत्र

लोकतंत्र, जनता के द्वारा, जनता के लिए और जनता का शासन कहा जाता है। यह हमारा देश है जहां हमने सार्वजनिक मताधिकार लागू करके सभी [more…]

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राजनीति

संसदीय समिति ने माना: बजट की कमी कर मनरेगा को ख़त्म करने की भाजपा सरकार की साजिश

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के वर्किंग पेपर नंबर 107 में ग्रामीण भारत में नागरिकों की क्रय शक्ति में नकारात्मक रुझान का जिक्र [more…]

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राजनीति

दलित अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए 4 दिसंबर को दिल्ली में 100 से ज्यादा संगठनों की रैली

हमारे देश में शोषण की व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हथियार है जाति व्यवस्था, जो शोषितों को अपने उत्थान के अवसरों तथा साधनों से महरूम कर [more…]

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राजनीति

नांदेड़: दर दर भटक रहे 67 खानाबदोश परिवार, सिर्फ मतदान के समय माने जाते हैं नागरिक

नांदेड़, महाराष्ट्र। हर नागरिक के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता के समर्थन में दावा किया जाता है कि सरकार के पास प्रत्येक नागरिक की जानकारी [more…]

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बीच बहस

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह: नारा तब भी इंकलाब था- नारा आज भी इंकलाब है

‘जो कोई भी कठिन श्रम से कोई चीज़ पैदा करता है, उसे यह बताने के लिए किसी खुदाई पैगाम की जरुरत नहीं कि पैदा की [more…]

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बीच बहस

किसानों के मुद्दे पर चर्चा के दौरान भी होती है महिला खेत मज़दूरों की अनदेखी

कई लोग ऐसा मानते है कि कृषि के अविष्कार से महिलाएं करीब से जुड़ी रही है। कई सामाजिक वैज्ञानिक तो यहां तक मानते है कि [more…]

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राजनीति

हर बीते दिन के साथ बेनकाब हो रहा भाजपा-कॉर्पोरेट का नापाक गठजोड़

एक साल लंबे चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन की, किसान विरोधी तीन कानूनों को वापस करवाने के साथ दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि थी जनता में सरकार [more…]

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राजनीति

मनरेगा: न रहेंगे जॉब कार्ड, न मजदूर मांगेंगे काम

नई दिल्ली। एक तरफ जहां उच्च बेरोजगारी और ग्रामीण आर्थिक हालात की कठिन परिस्थितियों में मनरेगा अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है वहीं वर्तमान सरकार [more…]

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राजनीति

मराठवाड़ा में ज़मीन से बेदखली के खिलाफ संघर्ष

“पिता जी तो ताउम्र ज़मीन के लिए लड़ते रहे और चले गए, शायद हम भी इसी तरह चले जायेंगे।” यह शब्द है महाराष्ट्र के जालना [more…]

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बीच बहस

समान नागरिक संहिता: एकरूपता से नहीं भेदभाव खत्म करने से होगा महिला सशक्तिकरण

हमारे देश में भरपूर अन्न पैदा होने के बावजूद करोड़ों लोग भूखे रहने के लिए मज़बूर हैं। देश के 224.3 मिलियन लोग यानि भारत की [more…]