Monday, July 4, 2022

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बहुजनों को अब हुकूमतों से मांगने से आगे बढ़कर इस देश के मालिक बनने की दावेदारी करनी होगी: डॉ. सिद्धार्थ

बिहार के भागलपुर जिले के बिहपुर के रेलवे सामुदायिक भवन में 13 जून को 'बढ़ते मनुवादी-सांप्रदायिक हमले व कॉरपोरेट कब्जा के खिलाफ बहुजन दावेदारी' को लेकर एक सम्मेलन हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता चर्चित बहुजन बुद्धिजीवी डॉ.विलक्षण रविदास ने की।...

भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के विरुध्द संघर्ष के सर्वश्रेष्ठ अगुआ हैं आंबेडकर

डॉ. भीमराव आंबेडकर एक बहुजन राजनीतिक नेता और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी होने के साथ-साथ, भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार भी थे। आंबेडकर का जन्म एक गरीब अस्पृश्य परिवार में हुआ था। आंबेडकर ने अपना सारा जीवन हिंदू धर्म की...

  हिंदी पट्टी की बहुजन राजनीति को कैसे निगल रही है भाजपा

हिंदी पट्टी में राजनीतिक वर्चस्व भारत की केंद्रीय सत्ता पर राजनीतिक वर्चस्व का रास्ता खोलता है। हिंदी पट्टी की घनी जनसंख्या और भारत में जनसंख्या आधारित राजनीतिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था के चलते भारत के अन्य हिस्सों पर इसका राजनीतिक...

हुकूमतें अधिकार की चेतना को नष्ट कर बहुजनों में भिखारी चेतना कर रही हैं विकसित

भागलपुर। बहुजन दृष्टि का मूल तत्व समानता, बराबरी व आजादी है। बहुजन दृष्टि सोशल इंजीनियरिंग का पर्याय नहीं है। सोशल इंजीनियरिंग के जरिए सामाजिक न्याय और बदलाव की राजनीति आगे नहीं बढ़ सकती है। सोशल इंजीनियरिंग के जरिए सामाजिक...

एक बार फिर मण्डल बनाम कमण्डल!

उत्तर प्रदेश में हर रोज राजनैतिक भूचाल के झटके लग रहे हैं। बहुजन विमर्श, जिसे विगत वर्षों में आखेट कर लिया गया था, एक बार फिर चर्चा में आ चुका है। मंत्रियों और विधायकों के इस्तीफे आ रहे हैं।...

पूर्वांचल में बहुजन बुद्धिजीवियों-एक्टिविस्टों और नेताओं की जुटान

12 सितंबर को गोरखपुर के गोकुल अतिथि भवन में बहुजन बुद्धिजीवियों एक्टिविस्टों और नेताओं का एक महासम्मेलन रखा गया है। इस महा सम्मेलन का विषय ‘दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक भागीदारी उद्घोष सम्मेलन’ है। इस सम्मेलन में भारतीय समाज में...

स्व-श्रेष्ठता के दंभ में हर किसी को खारिज करने के खतरे

अभी हाल की बात है, एक दिन मैंने अपने फेसबुक पेज पर दक्षिणपंथी खेमे के एक वरिष्ठ संपादक की असमय मौत पर दुख प्रकट करते हुए संक्षिप्त श्रद्धांजलि-लेख लिखा। इस पर कुछ ‘वामपंथी’ और ‘समाजवादी’ किस्म के बुद्धिजीवी खासे...

बहुजन आंदोलन की प्रतिनिधि इतिहासकार थीं गेल ओमवेट

गेल ओमवेट भारत के, विशेषकर आधुनिक भारत के बहुजन आंदोलन की एक प्रतिनिधि इतिहासकार थीं। मेरा आधुनिक बहुजन आंदोलन से अर्थ ज्योतिराव फुले ( 11 अप्रैल 1827-28 नवंबर 1890) से लेकर डॉ. आंबेडकर ( 14 अप्रैल 1891-6 दिसंबर 1956)...

भागलपुर: राष्ट्रीय सामाजिक न्याय दिवस पर पिछड़ों की हकमारी के खिलाफ हुआ प्रदर्शन

भागलपुर। राष्ट्रीय सामाजिक न्याय दिवस के मौके पर बहुजन संगठनों व बुद्धिजीवियों द्वारा ओबीसी की हकमारी के खिलाफ आहूत राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत आज भागलपुर स्टेशन चौक पर साझा प्रतिवाद प्रदर्शन व सभा आयोजित की गयी। ओबीसी आरक्षण पर हमले...

मीडिया संस्थानों पर छापेमारी के भारी विरोध के बीच संकीर्णता की कुछ आवाजें

गुरुवार की सुबह, दैनिक भास्कर समूह के दफ्तरों और उसके मालिकों के घरों पर सरकारी एजेंसियों की छापेमारी की खबर सुनकर मेरी सुबह की चाय का मजा ही बिगड़ गया। कुछ ही समय बाद पता चला कि लखनऊ (यूपी)...
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उदयपुर, कश्मीर आरोपियों के भाजपा से रिश्तों पर इतनी हैरत किस लिए है?

उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की गला काटकर हत्या करते हुए खुद ही उसका वीडियो बनाने वाले  मोहम्मद रियाज अत्तारी के...
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