भारत के मुस्लिम एक वंचित समुदाय हैं जिनका दुनिया के सबसे बड़े संसदीय लोकतंत्र में प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व… Read More
BJP
बीजेपी ने पूरे देश की राजनीति को घोड़ामंडी में तब्दील कर दिया है। वह राजनीति में कारपोरेट… Read More
नई दिल्ली। आरटीआई एक्टिविस्ट अमित जेठवा हत्या मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद दीनू बोघा सोलंकी को… Read More
नई दिल्ली। भाईचारे की मिसाल के रूप में प्रसिद्ध हमारे देश में जाति और धर्म के नाम… Read More
इधर कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजरता जबकि किसी न किसी राज्य से मॉब लिंचिंग यानि कि… Read More
नई दिल्ली। गुजरात की एक सेशन कोर्ट ने 26 जुलाई से उना दलित उत्पीड़न कांड की सुनवाई… Read More
(टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा लोकसभा में दिए अपने पहले भाषण से ही पूरे देश में चर्चित हो… Read More
अहमदाबाद/पाटन। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को एक बार फिर पाटीदार युवकों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।… Read More
(पिछले दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में आरक्षण की मांग को लेकर कई सामाजिक तबके सड़क पर… Read More
अप्रैल 2018 में कर्नाटक विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसलिए कर्नाटक राजनीतिक रूप से उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा है। आइये हम इस राज्य में चल रहे घटनाक्रम पर एक नज़र डालें- लिंगायतों पर दांव कर्नाटक में लिंगायत, जो कि राज्य की जनसंख्या का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा हैं, जुलाई व अगस्त 2017 में लगातार रैलियां करते नज़र आ रहे हैं; उनका कहना है कि वे हिन्दू नहीं हैं, अतः उन्हें एक पृथकधार्मिक समुदाय की मान्यता दी जाए। सिद्धारमैया का इस मांग को तवज्जो देते हुए इसके अध्ययन के लिए एक विशेष समिति का गठन करना मामले को बढ़ावा दे रहा है। यह भाजपा और संघ परिवार केलिए एक जबर्दस्त धक्का है, क्योंकि लिंगायत हाल-फिलहाल के चुनावों में भाजपा के वोट बैंक थे। सी-फोर का सर्वे दूसरी ओर सी-फोर एजेन्सी द्वारा 19 जुलाई से 10 अगस्त के बीच किये गए एक प्री-पोल सर्वे के परिणाम को इंडिया टुडे ने 20 अगस्त को प्रसारित किया। सर्वे के परिणाम ने खासी हलचल मचा दी है, क्योंकि वह कहता है कि यदि आज कर्नाटक में चुनाव करा दिये जाएं तो कांग्रेस की विजय निश्चित है। रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस को 120-132 सीटें और भाजपा को 60-72 सीटें मिलेंगी, जबकि देवेगौड़ा केजद (सेक्युलर) को 24-30 सीटें मिल सकती हैं। येदियुरप्पा पर शिकंजा तीसरी बात यह है कि जब कर्नाटक ने गुजरात के कांग्रेस विधायकों को ‘अमित शाह के हॉर्स ट्रेडिंग’ से बचने के लिए कांग्रेस मंत्री डी के शिवकुमार के संरक्षण में शरणगाह मुहय्या कराया, तब केंद्र कीमोदी सरकार ने बदले की कार्रवाई-स्वरूप शिवकुमार के घर पर आयकर विभाग के छापे पड़वाए। पर न ही शिवकुमार, न कर्नाटक कांग्रेस पर कोई फर्क पड़ा। बल्कि सिद्धारमय्या ने येदियुरप्पा… Read More