book review

भीड़ द्वारा हत्याएँ: राज्य और अपराधियों के बीच सिम्फनी – II

मोदी सरकार के तहत अल्पसंख्यकों, दलितों और महिलाओं के खिलाफ भीड़ द्वारा हत्याओं और घृणा अपराधों में… Read More

हरिहरन : डेडिकेशन, क्रिएटिविटी और इनोवेशन से बनी अंतरराष्ट्रीय पहचान

बीसवीं सदी का आठवाँ दशक ग़ज़ल गायकी का सुनहरा दौर माना जाता है। यही वह दौर था,… Read More

क्रांति की संभावना के लिए उद्यम ज़रूरी है

सुधीर विद्यार्थी देश के उन गिनती के लेखक-साहित्यकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय स्वतंत्रता… Read More

आर एस एस – काया और माया” की समीक्षा : हिन्दुत्व वर्चस्ववाद अतीत का गंधाता कुआं 

धर्मान्ध लोग – जो हंसना भूल गए हैं, रोना भूल गए हैं, और करूणा भूल गए हैं… Read More