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‘तुम्हारी औकात नहीं है जो राजधानी में सफर करो’ कहते हुए दो मजदूरों को राजधानी से उतारा

कृषि और रेलवे के कारपोरेटीकरण का जमीनी असर दिखने लगा है, कहीं किसान को लूटकर व्यापारी बिना… Read More

फिलहाल राजधानी में नहीं घुसेंगे! सिंघू बॉर्डर पर डटे रहेंगे किसान

लम्बी झड़प और संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने किसानों  के जिद के आगे  विवश होकर उन्हें… Read More

जब निरंकुश सत्ताओं के लिए चुनौती बन गए व्यंग्यकार!

मशहूर साहित्यकार हरिशंकर परसाई व्यंग्य के विषय में कहते थे– “व्यंग्य जीवन से साक्षात्कार करता है, जीवन… Read More

स्लैब में बदलाव कर बिजली दरों में बढ़ोत्तरी की तैयारी, वर्कर्स फ्रंट ने जताई नाराजगी

आगरा। बिजली दरों के स्लैब में बदलाव कर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालने की योगी सरकार की… Read More

पतनशील हिंदू और पूंजी की संस्कृति की दुरभिसंधि: अंधकार युग की ओर बढ़ता भारत

भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब ले लेकर पश्चिम तक आरएसएस (संघ), भाजपा एंव अन्य… Read More