Thursday, October 21, 2021

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भारत छोड़ो आंदोलन: ग्वालिया में जब गूंजी अंग्रेजों के खिलाफ खड्गधारी की आवाज़

आज ही के दिन 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान कहा जाता है, में भारत छोड़ो आंदोलन की पूर्व संध्या पर गांधी जी ने एक ऐतिहासिक भाषण दिया था। जिसका टेक्स्ट...

संदर्भ भारत छोड़ो आंदोलन: गोलवलकर और सावरकर का था स्वतंत्रता आंदोलन से 36 का रिश्ता

भारत के स्वाधीनता संग्राम की जो विशेषताएं उसे विलक्षण बनाती हैं, उनमें उसका सर्वसमावेशी स्वरूप और निर्णायक तौर पर अहिंसक प्रवृत्ति मुख्य हैं। महात्मा गांधी ने स्वाधीनता आंदोलन और समाज सुधार को अपरिहार्य रूप से अन्तर्सम्बन्धित कर दिया था।...
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ब्राह्मणवादी ढोल पर थिरकते ओबीसी के गुलाम

भारत में गायों की गिनती होती है, ऊंटों की गिनती होती है, भेड़ों की गिनती होती है। यहां तक...
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