Friday, July 1, 2022

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साहित्य की प्रगतिशील-क्रांतिकारी विरासत के प्रति अटूट आस्था के प्रतिनिधि थे गुंजन जी : माले

पटना। भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने जन संस्कृति मंच के पूर्व राज्य अध्यक्ष, वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक-कवि और संपादक रामनिहाल गुंजन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में कहा कि 86...

मंहगाई और बेरोजगारी के खिलाफ भाकपा-माले छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी अभियान

झारखंड की राजधानी रांची में स्थित प्रेस क्लब सभागार में 2 अप्रैल से शुरू हुई भाकपा - माले केन्द्रीय कमेटी की बैठक के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए माले के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य...

रोजगार के सवाल पर पटना में हुआ छात्रों-युवाओं का बड़ा जमावड़ा

पटना। भारतीय युवाओं को सबसे अधिक बेचैन करने वाली ज्वलंत समस्या रोजगार का प्रश्न है। भाजपा-जदयू गठबंधन ने 19 लाख युवाओं को रोजगार देने का विधान सभा चुनाव (2020) के दौरान वादा किया था। लेकिन अब तक इस दिशा...

यूपी चुनाव: ‘मोदी जी गरीबी नहीं, गरीबों को हटा रहे हैं’

पलिया (लखीमपुरखीरी)। चुनाव प्रचार के लिए कुछ दिन लखीमपुर (पलिया) के कई गाँवों में जाना हुआ। वहाँ पलिया विधानसभा क्षेत्र से ऐपवा जिला अध्यक्ष व प्रदेश उपाध्यक्ष आरती राय भाकपा माले की उम्मीदवार थीं। पलिया कस्बे के थारू (निराला नगर)...

अनीस खान की सनसनीखेज हत्या से कोलकाता एक बार फिर से आंदोलन की राह पर

19 फरवरी शनिवार को तड़के पश्चिम बंगाल में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने एक बार फिर से बंगाल के युवाओं को अशांत कर दिया है। कोलकाता पश्चिम से लगभग 50 किमी की दूरी पर हावड़ा जिले के आमता...

दरभंगा में बर्बरता की इंतहा! गर्भवती महिला और उसके भाई की जिंदा जला कर हत्या

अगर 09 फरवरी 2022 को समय रहते जिला प्रशासन और पुलिस ने हमारे परिवार की गुहार सुनी होती तो, आज मेरे परिवार के लोग जिंदा होते। यह कहना है दरभंगा के जीएम रोड में घटित जघन्य तिहरे हत्याकाण्ड के...

मिर्जापुर: मड़िहान में जीरा भारती बन चुकी हैं दलित-आदिवासियों की आवाज

उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले के मड़िहान विधानसभा क्षेत्र में पहाड़ी पर चढ़ते हुए पटेहरा गांव है जहां तमाम मिट्टी के कच्चे घरों में से एक घर जीरा भारती का है, जो पिछले दो दशकों से दलितों औऱ आदिवासियों...

झारखंड: मोतीलाल बास्के फर्जी मुठभेड़ के 4 साल, न्याय का अब भी इंतजार

‘‘एक आदिवासी मजदूर सुबह-सुबह जंगल में लकड़ी काटने जाता है। कोबरा फोर्स की नजर उस आदिवासी मजदूर पर पड़ती है और 11 गोली उसके शरीर में दाग देती है। बाद में उस मजदूर आदिवासी मोतीलाल बास्के को ईनामी माओवादी...
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ग्राउंड रिपोर्ट : नाम, नमक और निशान पाने के लिए तप रहे बनारसी नौजवानों के उम्मीदों पर अग्निवीर स्कीम ने फेरा पानी 

वाराणसी। यूपी और बिहार में आज भी किसान और मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे किशोरावस्था में कदम रखते ही...
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