Sunday, December 4, 2022

cultural

‘ढाई आखर प्रेम के’ यात्रा: दुनिया लोग बदलते हैं, यह लोगों को याद दिलाना है

कोविड के सामाजिक दूरी बनाये रखने के दौर के ख़त्म हो जाने पर 4-5 दिसंबर 2021 को भारतीय जन नाट्य संघ (इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन यानि इप्टा) की राष्ट्रीय समिति की बैठक जालंधर में हुई थी। सत्यजित राय, अमृतराय...

देश के साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों और बुद्धिजीवियों ने छेड़ा फासीवाद के खिलाफ अभियान

(देश के साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों, लेखकों, कवियों और बुद्धिजीवियों ने एक साझा अपील जारी की है जिसमें उन्होंने मौजूदा दौर में संघ-बीजेपी सत्ता द्वारा चलाए जा रहे चौतरफा सांप्रदायिक-फासीवादी हिंसक अभियान की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसके साथ...

‘कोरस’ की नाट्य प्रस्तुति: ‘नीच’ में दिखा समानता के लिए स्त्री का संघर्ष

पटना। कोरोना महामारी के दौर में जहां सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियां लगभग ठप हैं, वैसे में 'कोरस' ने सामाजिक उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं के ख़िलाफ़ पटना के छज्जू बाग स्थित 13 नं. विधायक आवास के प्रांगण में कोरोना गाइडलाइन का पालन...

देश के लोकतांत्रिक वजूद के लिए खतरा हैं आरएसएस और बीजेपी: अखिलेंद्र

देश अपने राजनीतिक व सांस्कृतिक जीवन के सबसे बुरे दौर में है। मोदी सरकार के केन्द्रीय सत्ता पर काबिज होने के साथ देश में गुणात्मक परिवर्तन शुरू हुए। आज वैश्विक पूँजी और बड़ी भारतीय पूंजी ने राज्य पर अपनी...

गोलवलीकरण से गोडसेकरण की ओर

पिछले सप्ताह भारत सरकार के संस्कृति मंत्री के गोलवलकर की महिमा का बखान करते हुए किये गए ट्वीट ने देश के राजनीतिक विमर्श को आधिकारिक रूप से एक नयी नीचाई तक पहुंचा दिया है। यह बखान इसलिए काबिले गौर...

अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने के लिए सरकार कर रही है ईडी का इस्तेमाल: सांस्कृतिक संगठन

(कल वेबपोर्टल न्यूज़क्लिक के दफ्तर और उसके निदेशक के घर पर हुए ईडी के छापे पर पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। सभी ने इसे न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है बल्कि एक सुर...

वरवर राव की रिहाई के लिए लेखक संगठनों ने जारी की अपील, कहा-निर्दयता और असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है यह

(क्रांतिकारी कवि और एक्टिविस्ट वरवर राव की रिहाई के लिए लेखक और सांस्कृतिक संगठनों ने अपील जारी की है। संगठनों ने अपील में कहा है कि निर्दयता और असंवेदनशीलता का इससे बड़ा देश में कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलेगा।...

सांस्कृतिक संगठनों ने जारी किया खुला बयान, कहा- बंद हो मानवाधिकार-कर्मियों, लेखकों और पत्रकारों की गिरफ़्तारियों का सिलसिला

(जन संस्कृति मंच, दलित लेखक संघ, प्रगतिशील लेखक संघ, न्यू सोशलिस्ट इनिशिएटिव, प्रतिरोध का सिनेमा, संगवारी और जनवादी लेखक संघ की ओर से आज एक बयान जारी किया गया है जिसमें लेखकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, छात्रों और पत्रकारों का देश...

भारतीय मीडिया के दिवालिएपन और उसकी गिरावट का नया सबूत है भारत से नेपाल की तुलना

जी न्यूज का एक कार्यक्रम, जो नेपाल से जुड़ा है पर अचानक नज़र पड़ी और स्क्रीन पर भारत और नेपाल के सेना तथा सैन्य शक्ति का तुलनात्मक अध्ययन दिखा। यह तुलना ही मूर्खतापूर्ण लगी और है भी। नेपाल आकार और...

“गांधी के तीन बंदरों में तब्दील हो गए हैं लोकतंत्र के तीनों स्तंभ”

दिल की बीरानी का क्या मज़कूर है यह नगर सौ मर्तबा लूटा गया अदब और आर्ट की दुनिया के नामचीनों और दोस्तों दिल्ली को अलविदा कहते हुए कहा गया मीर का यह शेर पिछले दिनों बार बार होठों पर आता रहा। उधर दिल्ली...
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 मोदीराज : याराना पूंजीवाद की पराकाष्ठा

पिछले पांच वर्षों में विभिन्न कम्पनियों द्वारा बैंकों से रु. 10,09,510 करोड़ का जो ऋण लिया गया वह माफ...
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