Fascism

‘जलेश्वर जी ने ‘आज’ अखबार में काम करते पत्रकारिता की एक पूरी पीढ़ी तैयार की’ 

(जनबुद्धिजीवी, वरिष्ठ पत्रकार और संस्कृतिकर्मी जलेश्वर जी आज नहीं रहे। उन्होंने बनारस में अंतिम सांस ली। उनकी… Read More

अमेरिकी साम्राज्यवाद का मुनरो से डुनरो तक का सफर : युद्ध, कब्जा और पूंजीवाद की चरम तानाशाही

मुनरो से डुनरो के बीच का फासला दो सौ साल का है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र… Read More

हिसार: शांति और सौहार्द्र के लिए काम करने वाले पत्रकार के खिलाफ प्रशासन का शांति भंग के लिए कारण बताओ नोटिस

देश में पत्रकारिता करना आज केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जोखिम भरा काम बनता जा रहा है।… Read More

कइयों को मार्क्स पूरी तरह स्वीकार्य हैं, लेनिन किंतु-परंतु के साथ; लेकिन कॉमरेड स्टालिन बिलकुल नहीं, आखिर वजह क्या है?

किसी क्रांतिकारी से क्रांतिकारी दर्शन-विचार की सैद्धांतिक और औपचारिक स्वीकृति कोई बहुत मुश्किल भरा काम नहीं होता… Read More

तानाशाही शासन देश को नष्ट-भ्रष्ट कर देता है 

सामान्यतः देखा जाता है कि तानाशाह स्वभावत: वर्चस्ववादी व्यक्ति होता है जो स्वयं को प्रतिष्ठापित और शक्तिशाली… Read More

आरएसएस ने 100 सालों में समाज में फैलाकर ज़हर, भारत को ले गया हज़ार साल पीछे: महासभा 

आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है आरएसएस और इससे जुड़े संगठनों द्वारा भारत के सामाजिक-संवैधानिक… Read More