Tuesday, July 5, 2022

Gujarat riots

गुजरात नरसंहार की बीसवीं बरसी को भूलना खतरनाक है

जिस समय ये पंक्तियाँ लिखी जा रही हैं बीस साल पहले उन दिनों गुजरात धधक रहा था। ताजे इतिहास का सबसे भीषण नरसंहार। गुजरात में 2002 में हुयी सांप्रदायिक हिंसक बर्बरता की यह 20वीं बरसी है। इस बार पर...

बनाने वालों को दुत्कारना मोदी की पुरानी फितरत

गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन मुख़्यमंत्री और आज के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि एक मौत के सौदागर की हो गई थी। यही बात थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें राज धर्म निभाने की...

बंगाल की चुनावी हिंसा, कंगना रनौत का ट्वीट और प्रधानमंत्री की छवि

2 मई को बंगाल में विधानसभा के चुनाव खत्म हुए और देर रात तक उसके परिणाम घोषित हो गए। तृणमूल कांग्रेस को अच्छा बहुमत मिला, पर ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम से चुनाव हार गयीं। वे तृणमूल विधायक दल की...

इंसान के सवाल पर कुत्तों के बच्चों की मिसाल क्यों देते हैं भाजपा नेता

इंसान और इंसानियत के सवाल पर सत्ता में बैठे भाजपा के लोग कुत्ते के बच्चे की मिसाल देते हैं। इसकी एक परंपरा भी है उनके यहां जिसमें केंद्रीय मंत्री वी के सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के नाम...

कवि अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं में नहीं दिखते स्त्री, दलित, वंचित और श्रमिक

‘हिंदू तन-मन, हिंदू जीवन, रग रग हिंदू मेरा परिचय’ ये पंक्तियां भाजपा के सबसे उदार समझे जाने वाले चेहरे अटल बिहारी वाजपेयी की हैं। महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में नाम आने और गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे...

गुजरात से भी आगे का प्रयोग है दिल्ली

कल लोकसभा में दिल्ली दंगों पर हुई बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह का दिया गया भाषण एक सफेद झूठ को सच साबित करने का ज़िंदा सबूत है। यह गुजरात मॉडल से इस रूप में आगे बढ़ जाता है...
- Advertisement -spot_img

Latest News

ऑप इंडिया के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही का निर्णय एटार्नी जनरल के पाले में

टीएमसी नेता साकेत गोखले ने भारत के महान्यायवादी (एटार्नी जनरल) केके वेणुगोपाल से पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के...
- Advertisement -spot_img