Friday, June 2, 2023

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फेक केरल स्टोरी बनाम रियल गुजरात स्टोरी 

फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। केरल उच्च न्यायालय में इसे प्रतिबंधित किये जाने की याचिका ख़ारिज हो जाने के बाद याचिकाकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन...

हम हिन्दुस्तानी : जितना भी तुम समझोगे, होगी उतनी हैरानी!

हिन्दी के मशहूर कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की एक बहुचर्चित और विचारोत्तेजक कविता है-‘देश कागज पर बना नक्शा नहीं होता’। जिन बेहद गम्भीर आशयों के सिलसिले में उन्होंने देश को लेकर यह व्यवस्था दी है, यहां उनके विश्लेषण का...

महापर्व वसंत और तीन मुल्कों की सांझी संस्कृति

बेशक 1947 में देश का खूनी बंटवारा हुआ था और दो मुल्क हिंदुस्तान और पाकिस्तान वजूद में आए। बांग्लादेश बाद में बना। इन तीनों देशों में एक त्योहार पुरानी विरासती संस्कृति के साथ अपनी-अपनी सरजमीं पर मनाया जाता है।...

हिन्दू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अंगीकार कर मैं बहुत प्रसन्न हूं: डॉ. अम्बेडकर

‘‘मैं आज बहुत ही प्रफुल्लित हूं। मैं जरूरत से ज्यादा प्रसन्न हूं। मैंने जिस क्षण हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म स्वीकार किया है मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने नर्क से मुक्ति पा ली है।" ये शब्द डॉ....

स्पेशल स्टोरी: बिहार में संघ और भाजपा किस तरह हत्या को जातिगत हत्या बनाने की कोशिश कर रहे हैं?

पटना/सुपौल। मार्च 2022 में सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक मामूली घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यहां भी हिन्दू सुरक्षित नहीं हैं, वो अब कहाँ जाएं? उस वक्त केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की पार्टी...

हिंदुओं, अपने भीतर झांको

व्यक्ति हो, धर्म हो या राष्ट्र, जब अपनी कमियों को जानने-समझने और सुधारने का काम छोड़ कर दूसरों की कमियों को उजागर करने लगता है तो समझना चाहिए कि उसके आगे बढ़ने का रास्ता अवरुद्ध हो चुका है। क्योंकि...

हिन्दू राष्ट्र का संविधान; निकलना भेड़ियों का अपनी मांद से 

इधर दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से मोदी अपने भाषण में डॉ अम्बेडकर का नाम ले रहे थे, महिलाओं को अवसर देने के लिए कलेजा चीर कर दिखा रहे थे, आने वाले 25 वर्ष को भारत के लिए...

आज़ादी के जश्न से आज भी दूर हैं बापू

15 अगस्त, 1947 को जब देश की आजादी का ऐलान हुआ, वह गाँधी जी के लिए जश्न का दिन नहीं था। इधर देश उत्सव में मग्न था, और उधर महात्मा गांधी 14 अगस्त, 1947 की रात कलकत्ता में शांति...

महिलाओं की मुक्ति का बिगुल है हिंदू कोड बिल

प्रयागराज। “महिलाओं को उनके अधिकार के साथ सशक्त रूप से खड़ा किया जाये यही हिंदू कोड बिल का उद्देश्य था। इसने महिलाओं के अधिकारों पर ठप्पा लगाया है। महिलाओं की मुक्ति का बिग़ुल है हिंदू कोड बिल। हिंदू कोड...

गांधी अभय हैं पर सावरकर में भय है

दिल्ली स्थित गांधी दर्शन और स्मृति नामक संस्थान ने अपनी पत्रिका `अंतिम जन’ का सावरकर विशेषांक निकाला है। एक तरफ इसका चारों ओर यह कहते हुए प्रचार किया जा रहा है कि इतिहास में गांधी से कम नहीं हैं...

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