Wednesday, October 20, 2021

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Mughal

सावरकर के बचाव में आ रहे अनर्गल तर्कों और झूठ का पर्दाफाश करना बेहद जरूरी

एबीपी न्यूज पर एक डिबेट के दौरान एंकर रुबिका लियाकत ने यह सवाल पूछा कि, कांग्रेस के कितने नेताओं को कालापानी की सज़ा मिली थी ? इसके उत्तर में कांग्रेस के प्रवक्ता ने गांधी, नेहरू की जेल यात्राओं के...

आखिर कौन हैं निहंग और क्या है उनका इतिहास?

गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी के नाम पर एक नशेड़ी, गरीब, दलित सिख लखबीर सिंह को जिस बेरहमी से निहंगों ने मारा, हाथ काटे और उसकी लाश को बैरिकेड पर लटका दिया गया उससे तमाम संवेदनशील व्यक्ति सदमे में...

जन्मदिन पर विशेष: ज़ौक़ की शायरी और शख़्सियत के अलग रंग

शेख मोहम्मद इब्राहिम ‘ज़ौक़’ (1788-1854) ज़ौक़ का नाम आते ही क्या विचार आता है? अंतिम मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फर, के उस्ताद। ज़्यादातर उनके बारे में इससे ज्यादा कोई याद नहीं रखता। ज़ौक़ के जीवन, उनकी शायरी, और उनकी शख़्सियत...

गुरू तेग बहादुर, सिख पंथ और मुगल

इस साल (2021) 01मई को नौवें सिख गुरू तेग बहादुर की 400वीं जयंती मनाई गई। सिख पंथ को सशक्त बनाने में गुरूजी का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने अपने सिद्धांतों की खातिर अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए थे। गुरू नानक...

ये जरनैली सड़क है साहेब!

ये जरनैली सड़क है साहेब, तारीखी अज्म से मुलविस, इसके इकबाल और जलाल की मीनारें गवाह हैं शहँशाहों, हुकमरानों के नापाक मंसूबों की! ये आवाम की शहादतों में मगनून आज भी ज़िन्दा है! भारत में अलग-अलग दौर में बहुत से संघर्षों की दास्तानें...

मुगलकाल में भी होता था दिवाली पर सबरंग माहौल

सदियों से हमारे देश का किरदार कुछ ऐसा रहा है कि जिस शासक ने भी सामंजस्यपूर्ण सहअस्तित्व की भावना से सत्ता चलाई, उसे देशवासियों का भरपूर प्यार मिला। देशवासियों के प्यार के ही बदौलत उन्होंने भारत पर वर्षों राज...
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लखीमपुर मामले से पैर खींचती नहीं दिखनी चाहिए सरकार: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अवकाश लेने से पहले...
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