संस्कृति-समाज महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय : अपने ही घर में बेगाने हुए प्रेमचंद, अमरकांत, नामवर सिंह by Janchowk August 1, 2025August 1, 2025 हिंदी विश्वविद्यालय इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां प्रेमचंद की जयंती पर महज अभिवादन… Read More
बीच बहस आलोचना पत्रिका के बहानेः बाजार और जंगल के नियम में कोई फर्क नहीं होता! by अरुण माहेश्वरी September 30, 2020October 1, 2020 पांच दिन पहले ‘आलोचना’ पत्रिका का 62वां (अक्तूबर-दिसंबर 2019) अंक मिला। कोई विशेषांक नहीं, एक सामान्य अंक।… Read More
लेखक जयंतीः राजेंद्र यादव ने साहित्य में दी अस्मिताओं के वजूद को नई पहचान by ज़ाहिद खान August 28, 2020August 28, 2020 हिंदी साहित्य को अनेक साहित्यकारों ने अपने लेखन से समृद्ध किया है, लेकिन उनमें से कुछ नाम… Read More