Namvar Singh

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय : अपने ही घर में बेगाने हुए प्रेमचंद, अमरकांत, नामवर सिंह

हिंदी विश्वविद्यालय इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां प्रेमचंद की जयंती पर महज अभिवादन… Read More

आलोचना पत्रिका के बहानेः बाजार और जंगल के नियम में कोई फर्क नहीं होता!

पांच दिन पहले ‘आलोचना’ पत्रिका का 62वां (अक्तूबर-दिसंबर 2019) अंक मिला। कोई विशेषांक नहीं, एक सामान्य अंक।… Read More

जयंतीः राजेंद्र यादव ने साहित्य में दी अस्मिताओं के वजूद को नई पहचान

हिंदी साहित्य को अनेक साहित्यकारों ने अपने लेखन से समृद्ध किया है, लेकिन उनमें से कुछ नाम… Read More