Monday, January 24, 2022

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nARENDRA mODI

पीएम साहब! इन बच्चों के मन की बात भी सुनिए एक बार

एनआरसी-सीएए विरोधी आंदोलनों में छोटे बच्चों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिल रही है। कुछ बहुत छोटे बच्चे अपनी धरनारत मांओं के साथ दिन-रात धरने पर रहने को विवश हैं। कुछ बच्चे अपनी भागीदारी खुद निर्धारित कर रहे...

राजनीतिक पराजय के बाद की पुकार!

लेख के शीर्षक में राजनीतिक पराजय से आशय देश पर नवसाम्राज्यवादी गुलामी लादने वाली राजनीति के खिलाफ खड़ी होने वाली राजनीति की पराजय से नहीं है। वह पराजय पहले ही हो चुकी है, क्योंकि देश के लगभग तमाम समाजवाद,...

सवाल नागरिकता खोने का नहीं, नागरिक होने का है

देश भर में लगातार नागरिकता को लेकर बहस और आंदोलन जारी है। नागरिकता कानून में संशोधन से आगे जनगणना रजिस्टर और नागरिकता रजिस्टर को लेकर उपजे भय और संशय के चलते देश के हर भाग में लगातार लोग सड़कों...

इंद्रलोक से ग्राउंड रिपोर्टः पुलिस महिलाओं को दे रही लाठीचार्ज की धमकी

हिंदुस्तान किसकी जान? हमारी जान, हमारी जान..... कौन है तुम्हारी जान? हिंदुस्तान, हिंदुस्तान.....  हिदुस्तान किसकी शान? हमारी शान। हमारी शान। हिंदुस्तान हमारी शान। हिंदुस्तान मेरी शान, मेरी शान हिंदुस्तान मेरी आन मेरी आन हिंदुस्तान  मेरी आन, मेरी बान, मेरी...

ग्राउंड रिपोर्टः संविधान और मुल्क बचाने की कसम खाकर धरने पर बैठी हैं सीलमपुर की महिलाएं

पिछली गलती से सबक लेते हुए सीलमपुर जाफरबाद की महिलाओं ने अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत की है। शनिवार को धरने का चौथा दिन था। धरने में हजारों महिलाएं दिन-रात बैठी हैं। पुरुष और बच्चे भी उनके समर्थन में डटे हुए हैं।...

आंदोलन में शामिल होने भर से बहुत कुछ बदल जाता है

इलाहाबाद में रोशन बाग़ का मंसूर अली पार्क। यहां कल तक अंबेडकर और गांधी जी थे, आज यहां भगत सिंह, अशफ़ाक उल्ला खां, बिस्मिल, अबुल कलाम आज़ाद भी आ पहुंचे थे। सभी हल्का हल्का मुस्कुरा रहे थे। फ़ैज़ अहमद...

ग्राउंड रिपोर्ट- 4ः देश गुजरात नहीं है, बता रही हैं शाहीन बाग़ की औरतें

क्या जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बर पुलिसिया हमला मोदी सरकार की भारी भूल साबित होने जा रहा है? और इसका नतीजा उनकी दमन की लत छुड़ा देगा? वो लत, जो वो गुजरात से...

मां और मुल्क बदले नहीं जाते

यह शीर्षक हमारा नहीं है। यह सीएए-एनआरसी का विरोध करने वाले एक युवा की भावनाएं हैं। पूरे देश में सीएए और एनआरसी का विरोध हो रहा है। इसमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। हर कोई विरोध में...

एक डरा-सहमा समाज बनाने का एजेंडा

तकरीबन पौने छह साल के अपने कार्यकाल में मोदी सरकार का भारत की जनता, समाज और उसके लोकतांत्रिक ढांचे पर अब तक का यह सबसे बड़ा हमला है। नागरिकता का नया संशोधित कानून (सीएए) और एनआरसी-ये दो नये हथियार...

आजादी बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं हैं देश भर की सड़कों पर

आजादी के बाद देश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरी हैं। यह सभी एनआरसी-सीएए कानून की मुखालफत कर रही हैं। कहीं पुरुष विकल्प न होने की सूरत में अनपढ़ गृहणियां तो कहीं पुरुषों के...
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कब बनेगा यूपी की बदहाली चुनाव का मुद्दा?

सोचता हूं कि इसे क्या नाम दूं। नेताओं के नाम एक खुला पत्र या रिपोर्ट। बहरहाल आप ही तय...
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