Wednesday, January 26, 2022

Add News

pandemic situation

जलती चिताओं पर ‘सकारात्मकता’ का पाठ पढ़ाने वाले से मुक्ति चाहता है देश

क्या कोई जिम्मेदार आदमी इतना संवेदनहीन और क्रूर हो सकता है कि कोरोना महामारी में आक्सीजन की कमी से मरने वाले लोगों को 'मुक्ति’ मिलने की बात कहे। आरएसएस के कर्णधार तो अपने इस संगठन को सबसे बड़ा राष्ट्रवादी...

कोरोना की ‘तीसरी लहर’ के लिए कितना तैयार है यह देश

लेख- डॉ. राजाराम त्रिपाठी इस महामारी की 'तीसरी लहर' आनी अभी बाकी है। पहली लहर में हम सस्ते में छूटे तो हमारा हाल बस यही था कि, मानो अंधे के हाथ बटेर लग गई। हम लगे अपने मुंह मियां मिट्ठू...

सरकार की प्राथमिकता न तो गवर्नेंस है और न ही लोककल्याण

किसी भी सरकार की प्राथमिकताएं तय होती है, सत्तारूढ़ दल के राजनैतिक दर्शन और उसकी आर्थिक नीतियों से। राजनीतिक दर्शन उस दल की आत्मा होती है और आर्थिक नीतियां, इस बात का प्रतिविम्ब की वह दल या उस दल...
- Advertisement -spot_img

Latest News

भारतीय गणतंत्र : कुछ खुले-अनखुले पन्ने

भारत को ब्रिटिश हुक्मरानी के आधिपत्य से 15 अगस्त 1947 को राजनीतिक स्वतन्त्रता प्राप्ति के 894 दिन बाद 26...
- Advertisement -spot_img