Saturday, October 23, 2021

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फ़ैज़ की जयंतीः ‘अब टूट गिरेंगी ज़ंजीरें, अब जिंदानों की खैर नहीं’

उर्दू अदब में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का मुकाम एक अजीमतर शायर के तौर पर है। वे न सिर्फ उर्दू भाषियों के पसंदीदा शायर हैं, बल्कि हिंदी और पंजाबी भाषी लोग भी उन्हें उतनी ही शिद्दत से मोहब्बत करते हैं।...
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मोदी का महाजुमला है 26 करोड़ के वैक्सीनेशन को 100 करोड़ बताना

“जब एन-95 मास्क और ग्लव्स आ जाये तो उन्हें मेरी क़ब्र पर पहुंचा देना। वहां ताली और थाली भी...
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