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स्पेशल रिपोर्ट: विभागाध्यक्ष बनने से रोकने के लिए जम्मू यूनिवर्सिटी में कर दी गयी दलित प्रोफेसर की संस्थानिक हत्या?

“सब सच है क्योंकि, कहानी ही झूठी है” – आखिर क्या है इन पंक्तियों के मायने जिन्हें… Read More

सीपीएम नेत्री शैलजा का मैगसेसे को नकारने का फैसला कितना सही?

मार्क्स, एंगेल्स और लेनिन के विचारों में समाजवादी समाज और समाजवादी राज्य के अंगों की जो कटी-छँटी… Read More

निर्णायक और नेतृत्वकारी भूमिका में रहे हैं प्रेमचंद के स्त्री पात्र

विवादों के कारण ही सही प्रेमचंद का साहित्य फिर से ज़ेरे बहस है। दलित साहित्य के लेखकों… Read More