Tuesday, October 19, 2021

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महामहिम का दुखड़ा

इस संसार में सबका  दुखड़ा अलग-अलग है। एक गरीब आदमी के बेरोजगार का दुखड़ा तो समझ में आता है अगर महामहिम अपना दुखड़ा पेश करेंगे तो उस पर आश्चर्य होना, तीखी प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है। लगता है इस देश...

कम वेतन पाने वाला पत्रकार अधिक खतरनाक होता है!

पत्रकारों को कम वेतन नहीं देना चाहिए। कम वेतन पाने वाला पत्रकार अधिक खतरनाक हो सकता है। कभी यह रोचक निष्कर्ष निकाला था, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने। कार्ल मार्क्स पर उनकी यह एक रोचक टिप्पणी है।...

महिला समाख्या कर्मियों को 20 माह से नहीं मिला वेतन, अब सरकार ने दिए बंद करने के निर्देश, वर्कर्स फ्रंट ने सीएम को लिखा...

लखनऊ। वर्कर्स फ्रंट ने पिछले 31 वर्षों से महिलाओं के कल्याण के लिए जारी महिला समाख्या को चालू करने और महिलाओं के बकाए वेतन के भुगतान के लिए आवाज उठाई है। फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने मुख्यमंत्री...

नयी शिक्षा नीतिः गैरपेशेवर शिक्षकों के जरिए तालीम को रसातल में मिलाने का दस्तावेज

‘शिक्षकों की गैरपेशेवर पहचान को बढ़ावा देती नई शिक्षा नीति’ लेख का दूसरा और अंतिम भाग...शिक्षक शोध कर सकें इसका जिक्र नहीं किया गयानयी शिक्षा नीति का दस्तावेज़ पढ़ते हुए इस बात की तलाश थी कि स्कूली शिक्षा में...

वेतन, EMI और प्रवासी: मोदी सरकार के दावों की पोल खुलनी शुरू

कोरोना संकट को लेकर केन्द्र सरकार ने जनता को राहत देने के लिए तरह-तरह की घोषणाएँ कीं। वित्त मंत्री तो पाँच दिनों तक अपने पैकेज़ों का पिटारा खोलकर 21 लाख करोड़ रुपये की कहानियाँ सुनाती रहीं। शुरुआत में लगा...

BSNL श्रमिकों को नहीं मिला पिछले 13 महीनों से वेतन, भुखमरी के कगार पर पहुंचे परिवार

देहरादून। बीएसएनएल के श्रमिकों को पिछले तेरह महीनों से वेतन नहीं मिला है। लॉकडाउन के चलते उनकी जिंदगी और मुश्किल हो गयी है। हालात ये हो गए हैं कि समाजसेवी इनको भोजन पहुंचा कर इनकी मदद कर रहे हैं। ये मामला...

श्रम क़ानूनों के खात्मे और काम के घटों में वृद्धि के ख़िलाफ़ उत्तराखंड में ऐक्टू का प्रदर्शन

हल्द्वानी। श्रम कानूनों को समाप्त करने, 8 घंटा काम को बढ़ाकर 12 घंटा कर मजदूरों को गुलाम बनाए जाने के खिलाफ ऐक्टू के दो दिवसीय देशव्यापी विरोध दिवस के आह्वान पर आज उत्तराखंड में विभिन्न जगहों पर विरोध जताते...

अखबार मरेंगे तो लोकतंत्र बचेगा?

हम गाजियाबाद की पत्रकारों की एक सोसायटी में रहते हैं। वहां कई बड़े संपादकों और पत्रकारों (अपन के अलावा) के आवास हैं। इस सोसायटी में एक बड़े पत्र प्रतिष्ठान के ही पूर्व कर्मचारी अखबार सप्लाई करते हैं। वे बताते...

सूरत की सड़कों पर दिखी पेट की आग, लॉकडाउन तोड़कर मज़दूरों ने किया सैलरी और घर वापसी के लिए प्रदर्शन

नई दिल्ली। सूरत के मज़दूर लॉकडाउन तोड़कर देर रात सड़कों पर उतर आए और उन्होंने जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया। ये सभी अपने-अपने मालिकों से अपनी सैलरी की माँग कर रहे थे। इसके साथ ही अपने घर वापसी की...

सांसदों के वेतन कटौती से नहीं बल्कि निजी क्षेत्र के राष्ट्रीयकरण से पटरी पर आएगी अर्थव्यवस्था

कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन से पूरे देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है! स्थति की गम्भीरता इस तथ्य से समझा जा सकता है कि यदि लॉक डाउन 21 दिन बाद खोला गया तो लोग कोरोना वायरस...
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सिविल नेचर के विवाद को आपराधिक केस का रंग दिया जाना अस्वीकार्य: सुप्रीमकोर्ट

उच्चतम न्यायालय की जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने कहा है कि हाईकोर्ट को इस...
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