Tuesday, March 5, 2024

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जनजातीय समाज पर कैसे लागू होगी समान नागरिक संहिता?

पहले लगता था कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य होगा। लेकिन अब विधि आयोग की तत्परता और  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात से संकेत मिलने लगा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा...

महिला दिवस पर विशेष: समाज के बदलाव के लिए शीला मरांडी ने कर दिया अपना सब कुछ कुर्बान

टुंडी (धनबाद)। ‘‘शीला दीदी बहुत ही अच्छी हैं, वे हमेशा हम गरीबों व महिलाओं के हित की बात करती थीं। वे बच्चों व युवाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थीं। वे हमेशा कहती थीं कि बिना लड़े आपको...

‘हूल दिवस’ पर विशेष: आज झारखंड में जरूरत है एक और हूल की!

भले ही 'हूल दिवस' (संताल दिवस) को बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक स्तर पर याद किया जाता हो, लेकिन झारखंड के आम आदिवासी हूल दिवस के औपचारिक ज्ञान से भी दूर हैं। मैंने लगभग 50 आम आदिवासियों से यह...

झारखंड: स्कूलों में संथाल आदिवासियों के पर्वों के अवकाश में कटौती से संथाल समाज में रोष

झारखंड के विद्यालयों में वर्ष 2021 की अवकाश तालिका में संथाल आदिवासियों के पर्व के अवकाश में कटौती को लेकर संथाल परगना में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है। आज 17 जनवरी, 2021 को दुमका जिला में दो जगहों...

‘हुल दिवस’ पर विशेष: आज भी बनी हुई है ‘संथाल हुल’ की प्रासंगिकता

कहना ना होगा कि भारत के इतिहास में 30 जून 1855 को प्रारंभ हुआ 'संथाल हुल' भारत में प्रथम सशस्त्र जनसंघर्ष था। जिसे मार्क्सवादी दर्शन के प्रणेता कार्ल मार्क्स ने भी अपनी पुस्तक 'नोट्स ऑफ इण्डियन हिस्ट्री' में इस...

संथाल हूल के नायक-नायिकाओं के वंशज क्यों नहीं मना रहे हैं ‘हूल दिवस’?

30 जून, 2020 को संथाल हूल (विद्रोह) की 165 वीं वर्षगांठ है, लेकिन ‘हूल’ के नायक-नायिकाओं सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो के वंशजों ने देशवासियों से अपील की है कि वे इस बार ‘हूल दिवस’ नहीं मनाएं। ‘हूल’ के नायक-नायिकाओं की...

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2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की अहमियत और परिवर्तन की संभावना

2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की गुत्थी को सुलझाए बगैर इस महासमर को जीतना किसी के लिए भी...