Wednesday, December 1, 2021

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हमने नाइजीरिया को भी पछाड़ दिया है !

भारत ने अब नाइजीरिया को पछाड़ दिया है। यह वाक्य आप को हैरान कर देगा कि नाइजीरिया और भारत का क्या मुकाबला कि उसे पछाड़ने का उल्लेख किया जा रहा है। लेकिन हमने जिस संदर्भ में नाइजीरिया को पछाड़ा...

मनमोहन सिंह ने केंद्र को लिखा पत्र; वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने का दिया सुझाव

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोरोना संकट पर प्रभावी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सरकार को कुछ अहम सुझाव दिए हैं। इसमें खासतौर से वैक्सीनेशन को बढ़ाने की बात कही गई है। पेश...

लॉकडाउन के साइड इफेक्टः टूट गए मध्यवर्गीय महिलाओं के सपनों के पंख

कोरोना वायरस और लॉकडाउन ने शहरों में भयानक आर्थिक संकट को जन्म दिया है। इसके अहम पहलूओं से अभी भी हम अछूते हैं। शहर में रहने वाली कामकाजी महिलाओं से काम छिन गया है। जॉब का छिन जाना उन...

बिहारः जाति से बाहर निकलने की छटपटाहट

बिहार के चुनाव रोचक और दिलचस्प हो गए हैं। इसकी वजह यह नहीं है कि तेजस्वी का महागठबंधन नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए को पछाड़ने की स्थिति में है और लंबे समय से चले आ रहे शासन के...

मोदी जी! भूखा मुल्क नहीं हो सकता है विश्वगुरु

प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी अक्तूबर माह में ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रैंकिंग जारी की गईं। पिछले कुछ सालों की तरह हम सबसे निचले पायदानों पर रहे। वर्ष 2020 की रैंकिंग में हमारा स्थान 94वां रहा और हम सीरियस...

पश्चिम बंगाल: सरकार व्यस्त है गोबर जमा करने में, कला के चितेरे भूखों मर रहे

इस बार सोशल मीडिया पर कोलकाता के शोभा बाजार स्थित कुमारटुली (कुमोरटुली) के मूर्तिकारों के लिए लोगों से अनुदान मांगने का एक वीडियो तैर रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन और बंगाल सहित आस-पड़ोस के राज्यों में...

कृषि विधेयक: अपने ही खेत में बंधुआ मजदूर बन जाएंगे किसान!

सरकार बनने के बाद जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हठधर्मिता दिखाते हुए मनमाने फैसले लिए, उससे न केवल उद्योग धंधे चौपट हो गए हैं बल्कि छोटे-मोटे कारोबारी भी सड़क पर आ गए हैं। किसान-मजदूर और युवा बदहाली...

भुखमरी से लड़ने के लिए बने कानून को मटियामेट करने की तैयारी

मोदी सरकार द्वारा कल रविवार को राज्यसभा में पास करवाए गए किसान विधेयकों के एक साल बाद इस देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी आती तो क्या होता। शायद तब कोरोना से ज़्यादा संख्या भुखमरी से मरने वालों की होती। इस...

देश के 32 लाख हथकरघा कामगारों के सामने भुखमरी के हालात

वो मई का महीना था, जब दिल्ली के सीलमपुर से आशा नाम की एक महिला ने मेरे मोबाइल नंबर पर फोन कर कहा था, “राशन दिलवा दीजिए नहीं तो हम भूखे मर जाएंगे। मेरे बच्चे तीन दिन से भूखे...

झारखंड विधानसभा चुनावों से गायब हैं जनता के मुद्दे

झारखंड में पहले चरण का मतदान 30 नवंबर को संपन्न हो चुका है। दूसरे चरण का मतदान सात दिसंबर को है। इस बीच राज्य के विभिन्न जन संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के मंच और झारखंड जनाधिकार महासभा के भारत...
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एड्स दिवस: जब एचआईवी पोज़िटिव लोग सामान्य ज़िंदगी जी सकते हैं तो फिर 2020 में एड्स से 680,000 मौतें क्यों?

"जब वैज्ञानिक उपलब्धियों के कारण और सामुदायिक अनुभव से हम यह जानते हैं कि एचआईवी के साथ जीवित व्यक्ति...
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