बिहार में अवैध बालू खनन को लेकर दो आईपीएस समेत 17 अधिकारी निलंबित

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पटना (बिहार)। बालू के अवैध खनन मामले में दो आईपीएस सुधीर कुमार पोरिका व राकेश दुबे समेत 17 पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसमें औरंगाबाद और भोजपुर के तत्कालीन एसपी, चार एसडीपीओ, एक अनुमंडल पदाधिकारी, तीन अंचलाधिकारी, छह खनन पदाधिकारी और एक एमवीआई शामिल हैं।

राज्य सरकार ने बालू के अवैध खनन मामले में दो आईपीएस अधिकारी सुधीर कुमार पोरिका व राकेश दुबे समेत 17 पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसमें औरंगाबाद और भोजपुर के तत्कालीन एसपी, डेहरी के एसडीओ सुनील कुमार सिंह, चार एसडीपीओ, तीन अंचलाधिकारी, छह खनन पदाधिकारी और एक मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) शामिल हैं। इन सभी अफसरों को आर्थिक अपराध इकाई की जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले ही पद से हटा दिया गया था। अब 27 जुलाई मंगलवार को निलंबन की कार्रवाई की गई है। सभी अफसरों पर अलग से विभागीय कार्यवाही भी होगी। इसके अलावा बिहटा के सीओ विजय कुमार सिंह और बिक्रम के सीओ वकील प्रसाद सिंह को उनके पद से हटाते हुए उनकी सेवा उनके पैतृक विभाग क्रमश: सहकारिता विभाग व योजना विकास विभाग में वापस कर दी गई है।

गृह विभाग ने अपने आदेश में भोजपुर के तत्कालीन एसपी राकेश दुबे और औरंगाबाद के तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार पोरिका की अवैध बालू खनन व ढुलाई में शामिल रहने का आरोप लगाया है। दोनों अफसरों पर बालू के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन में अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, इसमें संलग्न लोगों को मदद पहुंचाने, अवैध उत्खनन व परिवहन में संलिप्त रहने, अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने एवं संदिग्ध आचरण से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि आर्थिक अपराध इकाई की जांच रिपोर्ट के बाद डीजीपी की अनुशंसा पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। निलंबन अवधि में दोनों एसपी का मुख्यालय पटना रेंज के आईजी का कार्यालय होगा। दोनों एसपी समेत सभी 17 पदाधिकारियों को निलंबन अवधि में सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभागीय कार्रवाई के लिए आदेश अलग से निर्गत किया जाएगा।

औरंगाबाद सदर के तत्कालीन एसडीपीओ अनूप कुमार, भोजपुर के पंकज कुमार रावत, पाली के तनवीर अहमद और डेहरी के संजय कुमार को राज्य के सुरक्षा हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने, कर्तव्य के प्रति उदासीनता, लापरवाही व सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में निलंबित किया गया है। इन सभी अफसरों को निलंबन अवधि में सक्षम पदाधिकारी के आदेश के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश दिया गया है।

बता दें कि एक दिन पहले भोजपुर एसपी विनय तिवारी ने रविवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ सुबह पांच बजे सोन नदी में उतरे। एसपी के नेतृत्व में टीम ने शाम तीन बजे तक छापेमारी की। इस दौरान अवैध खनन में संलिप्त नौ नावों को जब्त कर लिया गया। जबकि, बालू चोरी में करीब 48 मजदूर पकड़े गए। इसे लेकर खनन निरीक्षक श्यामानंदन ठाकुर के बयान पर कोइलवर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एसपी के अनुसार पूरे अभियान में नौ नावें जब्त हुई हैं। इसके अलावा 48 मजदूर व नाविक पकड़े गए हैं। कागजी कार्रवाई के बाद पकड़े गए मजदूरों को जेल भेज दिया गया। सभी मजदूर, पटना, सारण, वैशाली एवं यूपी के बताए जाते हैं।

(बिहार से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट)