Saturday, January 22, 2022

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तमाम टोल नाके हुए फ्री, किसान नेता आंदोलन को विस्तार देने की तैयारी में

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“सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अध्यक्ष स्टेज पर 14 दिसंबर को अनशन पर बैठेंगे। हम अपनी माताओं और बहनों से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान करते हैं। उनके रहने, ठहरने और टॉयलेट का प्रबंध करने के बाद हम उन्हें इस आंदोलन में शामिल करेंगे।” आगे के आंदोलन की रूप-रेखा तय करते हुए संयुक्त किसान आंदोलन के नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने मीडिया को यह ताजा जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को निरंतरता में बनाए रखने के लिए कल 11 बजे शाहजहांपुर (राजस्थान) से जयपुर-दिल्ली वाली रोड को रोकने के लिए हज़ारों की संख्या में किसान ट्रैक्टर मार्च करेंगे।

सरकार पर किसान संगठनों को बांटने की साजिश करने का आरोप लगाते हुए किसान नेता कमल प्रीत पन्नू ने कहा, “हम अपने आंदोलन को विफल करने के लिए केंद्र द्वारा किसी भी प्रयास को विफल करेंगे। हमें विभाजित करने और हमारे आंदोलन के लोगों को भड़काने के लिए सरकार ने कुछ छोटे प्रयास किए थे, लेकिन हम शांतिपूर्वक इस आंदोलन को जीत की ओर ले जाएंगे।”

वहीं किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने गुरु तेग बहादुर के शहादत दिवस 19 दिसंबर से उपवास शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा, “पंजाब से आने वाले किसानों की टोलियों को रोका जा रहा है। हम सरकार से किसानों को दिल्ली पहुंचने की अनुमति देने की अपील करते हैं। अगर सरकार 19 दिसंबर से पहले हमारी मांगों को नहीं मानती है, तो हम उसी दिन गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस से उपवास शुरू करेंगे।”

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और किसान संगठनों के नेताओं के बीच बैठक में आंदोलनकारी किसानों की मांग को नकारे जाने और सरकार द्वारा किसान संगठनों को भेजे प्रस्ताव में संशोधन का वादा किए जाने के बाद 17 दिन से दिल्ली की सीमा पर डेरा डाले किसानों ने आंदोलन को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में आज जयपुर-दिल्ली हाइवे, आगरा-दिल्ली हाइवे को किसानों द्वारा जाम कर दिया गया साथ ही कई टोल नाकों को टोल मुक्त कर दिया गया।

फ्री करवाए गए टोल नाके
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने सुबह हरियाणा के अंबाला में शंभू टोल प्लाजा को बंद करवाया। जींद में खटकड़ और बद्दोवाल टोल भी फ्री करवाए गए। मुरथल टोल से भी वाहनों को बिना टोल दिए निकाला गया। घरौंडा टोल और पंचकूला में चंडीमंदिर टोल प्लाजा को भी किसानों ने फ्री करवाया। भिवानी में किसान संगठनों ने चरखी दादरी रोड पर कितलाना टोल को फ्री करवा दिया। किसानों ने टोल के पास धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर डीएसपी वीरेंद्र भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। वहीं केएमपी का मुख्य टोल प्लाजा भी आंदोलनकारी किसानों द्वारा फ्री करवा दिया गया। इसके अलावा केजीपी से भी वाहनों को बिना रोकटोक निकलने दिया गया।  रेवाड़ी रोहतक हाइवे स्थित रेवाड़ी के गंगयचा टोल प्लाजा को फ्री नहीं किया गया है, और वहां मौके पर सीआरपीएफ और आरएफ तैनात है।

सोनीपत में खरखौदा क्षेत्र से होकर गुजरने वाले कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के पिपली टोल को किसानों द्वारा फ्री करवाया गया है। इतना ही नहीं, स्थानीय किसान हुक्का लेकर टोल पर बैठे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने गौतमबुद्धनगर में पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के सिरसा टोल को टोल फ्री करा दिया है, अब किसान दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाइवे भी जाम करेंगे और टोल नाकों को फ्री कराएंगे।

शंभू नाके के टोलकर्मियों ने बताया है कि कुछ किसान आए थे और यह किसान आंदोलन के लिए किया गया है। कल रात 12 बजे से टोल फ्री हो गया है। हमें अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है कि यह कब तक जारी रहेगा वाहन चालकों को टोल नहीं देने दिया गया।

आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की कोशिश
गुरनाम सिंह चढूनी ने आंदोलनकारी किसानों से अपील करते हुए कहा, “टोल फ्री करते समय रोड जाम करे और किसी तरह की तोड़फोड़ करें। हमने सिर्फ सिम पोर्ट करने को कहा है। मॉल और टावर पर धरने लगाने या तोड़फोड़ करने के लिए नहीं बोला। टोल फ्री करते समय कोई भी सड़क जाम नही करें। मॉल पर कोई हंगामा नहीं करना है। ऐसा करने से शरारती तत्व आ जाएंगे और किसानों का आंदोलन खराब हो जाएगा।”

आंदोलन के दौरान कोई हिंसा न होने पाए, इसका किसानों ने पूरा खयाल रखा है। किसानों के जत्थेदार लगातार मंच से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील करते रहते हैं। यहां पर सभी जत्थेदारों के नंबरों को मिलाकर कई वाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों को कोई भी संदेश देने के लिए उसे वाट्सएप ग्रुप पर भेजा जाता है और फिर मुख्य मंच से भी नियमों के बारे में जानकारी दी जाती है। सुरक्षा और अलग-अलग जत्थों तक संदेश पहुंचाने के काम में युवाओं और बुजुर्गों को एक साथ लगाया गया है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।

सील कर दिया जाएगा दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाइवे
सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि राजस्थान और यूपी के किसान सैकड़ों की संख्या में हाइवे को बंद करने के लिए निकल गए हैं। शनिवार रात या रविवार सुबह तक दोनों हाइवे को सील कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने पंजाब के हर गांव से कम से कम 10 युवाओं को दिल्ली की ओर कूच करने की अपील करते हुए कहा, “अगर पंजाब के हर गांव से 10 युवा भी यहां आ जाएं तो प्रदर्शन में एक लाख 25 हजार युवाओं की संख्या बढ़ जाएगी।”

उन्होंने कहा कि राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर पर हजारों किसान इकट्ठा हो रहे हैं। ये सभी रविवार सुबह 10:00 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वहीं, पंजाब के अमृतसर से 700 ट्रैक्टर-ट्रॉली में जयपुर से 300 ट्रैक्टर ट्रॉली में हजारों  किसान गुरुग्राम के लिए कूच कर चुके हैं। उनका कहना है कि जहां पर किसानों को रोका जाएगा वहीं पर वह बैठ जाएंगे। इसके अलावा, पंजाब से गुरुग्राम पहुंचे किसान मेजर सिंह का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बंद कमरे में नहीं, बल्कि किसानों के बीच आकर संवाद करें।”

किसान नेता तारा सिंह सिद्धू का कहना है, “कृषि कानूनों को निरस्त कराने की मांग को लेकर राजस्थान के किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए रविवार को कूच करेंगे। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के मुताबिक, राजस्थान के किसान राशन और बिस्तर लेकर दिल्ली आएंगे। दिल्ली कूच करने की कड़ी में सभी किसान शनिवार को जयपुर जिले के कोटपुतली में जुटेंगे फिर वहीं से रविवार को जयपुर-दिल्ली राजमार्ग से दिल्ली कूच करेंगे। इसके बाद 14 दिसंबर को प्रदेश में किसान धरना-प्रदर्शन करेंगे। किसान घरों से राशन और बिस्तर की व्यवस्था करके निकलेंगे, जिससे हर परिस्थिति का सामना किया जा सके।”

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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