Wednesday, April 17, 2024

हास्य अभिनेता जगदीप नहीं रहे

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता जगदीप का निधन हो गया है। वह 81 साल थे। उनका निधन उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते हुआ है। उनका असली नाम सैय्यद इश्तियाक अहमद जाफरी था। 

हिंदी सिनेमा प्रेमी उन्हें जीवन भर उनके शोले में निभाए गए ‘शूरमा भोपाली’ के किरदार के लिए याद करेंगे। रमेश सिप्पी निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने लकड़ी के कारोबारी की भूमिका निभाई थी। जिसमें ‘मेरा नाम शूरमा भोपाली ऐसे ही नहीं है’ उनका तकियाकलाम था। 

जगदीप ने फिल्म उद्योग में एक बाल कलाकार के तौर पर प्रवेश किया था। और उन्हें बिमल राय की फिल्म दो बीघा जमीन, के ए अब्बास की मुन्ना और गुरु दत्त की आर-पार में देखा जा सकता है। उन्होंने फिल्मों में कुल छह दशकों तक काम किया।

वास्तव में जगदीप ने निर्देशन के क्षेत्र में भी अपना हाथ आजमाया। और 1988 में शोले के अपने चरित्र शूरमा भोपाली पर आधारित एक फिल्म का निर्माण किया। इसमें उन्होंने केंद्रीय भूमिका भी निभाई।

इसके अलावा जगदीप कई लोकप्रिय फिल्मों में काम किए। फिरोज खान की ‘कुर्बानी’, अमिताभ बच्चन अभिनीत ‘शहनशाह’ आदि हैं। 90 के दशक में वह नई भूमिका में उतरे जब उन्होंने ‘अंदाज अपना-अपना’ में सलमान खान के पिता का किरदार निभाया। राजकुमार संतोषी निर्देशित फिल्म में उन्होंने बांकेलाल का चरित्र निभाया। छह दशकों के अपने फिल्मी कैरियर में उन्होंने 400 से ज्यादा भूमिकाएं निभायीं।
बॉलीवुड अभिनेताओं और दूसरी शख्सियतों ने जगदीप के निधन पर गहरा शोक जाहिर किया है। अभिनेता अरशद वारसी ने एक ट्वीट में कहा कि “जगदीप साहब के बारे में सुनकर सच में दुख हुआ। क्या सदाबहार अभिनेता थे और एक अद्भुत इंसान थे। हमारे बड़े होने के सालों में उन्होंने हमारी पीढ़ी का मनोरंजन किया। इश्किया के लिए वह मेरे संदर्भ बिंदु थे। शुक्रिया जगदीप साहब…..अल्लाह आपको जन्नत नसीब फरमाये……खुदा हाफिज।”

आयुष्मान खुराना ने कहा कि हिंदी फिल्म उद्योग उनका योगदान हमेशा याद रखेगा। उन्होंने हास्य अभिनेता को लोगों को हंसाने और यादें देने के लिए धन्यवाद दिया।

इसके अलावा विशाल डडलानी, मनोज वाजपेयी, मधुर भंडारकर ने भी जगदीप को श्रद्धांजलि दी है।

जगदीप के बेटे जावेद जाफरी चर्चित अभिनेता और डांसर हैं। 2013 में पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में जाफरी ने अपने पिता के बारे में कहा था कि “मैंने कभी भी उनके नाम का इस्तेमाल उद्योग में प्रवेश के लिए नहीं किया। ऐसा नहीं था कि मैं उनके चलते काम पाया। मेरे पिता ने एक भी फिल्म मेरे लिए नहीं की न ही कोई लांचिंग की। वह हमसे चाहते थे कि हम अपने से खुद करें।” 

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