Monday, October 3, 2022

film

रणवीर सिंह के निधन पर विशेष: अस्त हो गया आधुनिक रंगमंच का एक चमकता नक्षत्र

आधुनिक रंगमंच के गहन अध्येता, अभिनेता-निर्देशक, नाट्य आलोचक और नाटककार रणवीर सिंह दुनिया के इस विशाल रंगमंच पर अपनी भूमिका निभाकर, हमेशा के लिए नेपथ्य में चले गए हैं। 23 अगस्त की सुबह जयपुर में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।...

जन्मदिन पर विशेष:अमरोहा के हसनपुर में खेली-कूदी हैं सायरा

सायरा बानो उस वक्त कोई बड़ी हस्ती नहीं थीं जब उन्होंने बॉलीवुड के ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार को अपने सपनों का राजकुमार माना था। 23 अगस्त 1944 को जन्मी सायरा बानो महज़ 12 साल की थीं जब वह दिलीप कुमार...

देवी काली और विविधवर्णी हिन्दू धर्म 

एक टीवी बहस में पैगम्बर मुहम्मद के बारे में नूपुर शर्मा की एक टिप्पणी को ईशनिंदा माना गया। इसके बाद खाड़ी के कुछ देशों व कुछ अन्य मुस्लिम-बहुल राष्ट्रों ने इसका विरोध किया और अमरावती और उदयपुर में निहायत...

प्रेम धवन, जिनके गाने आज भी लोगों को देश प्रेम के रंग में डुबो देते हैं

प्रेम धवन की शिनाख़्त एक वतनपरस्त गीतकार की रही है। जिन्होंने अपने गीतों से देशवासियों में वतनपरस्ती का जज़्बा जगाया। एकता और भाईचारे का पैग़ाम दिया। प्रेम धवन, शुरुआत से ही प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़ गए थे। पढ़ाई...

द कश्मीर फाइल्स का खतरनाक ‘सच’

भगवा पगड़ी और एक हिंदू उपदेशक की पोशाक पहने एक आदमी सिनेमा हॉल की आलीशान लाल आंतरिक साज-सज्जा के सामने खड़ा है। उसके एक हाथ में इस्पात का एक चमकदार त्रिशूल है और दूसरे में एक मोबाइल फोन। जैसे...

भोपालियों के बहाने: अविवेकी फतवे से विवेक न खोयें प्लीज

एक स्टुपिड, मीडियोकर, उथला व्यक्ति भोपाल के बारे में कोई भी झाड़ूमार बयान झाड़ दे यह बेहूदगी है, यह उसका अज्ञान और मूर्खों की संगत से हासिल बड़े वाला ओवरकॉन्फीडेंस है। विवेक रंजन अग्निहोत्री का भोपाल के बारे में...

झूठ पर आधारित है गोडसे पर बनी फिल्म ‘वाय आई किल्ड गांधी’

हाल में रिलीज हुई फिल्म ‘वाय आई किल्ड गांधी‘ महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने का प्रयास है। इस फिल्म की एक क्लिप, जो पंजाब हाईकोर्ट में नाथूराम गोडसे की गवाही के बारे में है, सोशल...

जन्मदिन पर विशेष: करिश्माई और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे कमलेश्वर

कमलेश्वर एक बहुआयामी प्रतिभा से संपन्न साहित्यकार थे। कमलेश्वर ने उपन्यास, कहानी, नाटक, संस्मरण, पटकथा विधाओं में लेखन किया। वे हिन्दी के बीसवीं शती के सबसे सशक्त लेखकों में से एक समझे जाते हैं। कमलेश्वर का नाम नई कहानी...

जन्मदिन पर विशेष: ‘सरदार ऊधम’ फिल्म के बहाने शहीद ऊधम सिंह की शख्सियत पर एक नज़र

13 अप्रैल, 1919, बैसाखी के दिन अमृतसर के जलियांवाला बाग में रौलेट एक्ट के विरोध में सभा कर रहे विशाल जनसमूह पर जनरल रेगीनाल्ड डायर नाम के अंग्रेज अफसर के आदेश पर अंधाधुंध गोलियां चलायी गयीं। सरकारी आंकड़ों के...

फिल्म निर्माताओं ने पत्र लिख कर सरकार से बिमल जुल्का समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की

फिल्म प्रभाग (FD) और भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (NFAI) सहित कई कई सार्वजनिक वित्त पोषित फिल्म संस्थानों के विलय/बंद होने की एमआईबी की घोषणा के जवाब में फिल्म निर्माताओं के एक समूह ने सरकार से अधिक पारदर्शिता की मांग...
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पेसा कानून में बदलाव के खिलाफ छत्तीसगढ़ के आदिवासी हुए गोलबंद, रायपुर में निकाली रैली

छत्तीसगढ़। गांधी जयंती के अवसर में छत्तीसगढ़ के समस्त आदिवासी इलाके की ग्राम सभाओं का एक महासम्मेलन गोंडवाना भवन...
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