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छत्तीसगढ़ः कोरबा नगर निगम का बजट निजीकरण को बढ़ावा देने वाला- सीपीएम

कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कोरबा नगर निगम में कल सोमवार को पारित बजट को जन विरोधी और विकास विरोधी करार दिया है। इसके विरोध में माकपा ने बांकी मोंगरा में बजट की प्रतियां जलाईं। बांकी मोंगरा क्षेत्र की उपेक्षा से नाराज सैकड़ों नागरिकों और व्यापारियों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया। माकपा ने कहा है कि विकास के नाम पर आउट सोर्सिंग और निजीकरण के किसी भी प्रस्ताव को माकपा का समर्थन न मिलने की घोषणा पार्टी ने पहले ही महापौर को दिए अपने ज्ञापन में कर दी थी और अब इसके खिलाफ पार्टी सड़क पर लड़ाई लड़ेगी। माकपा ने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्षी पार्षदों को सदन में घुसने से रोक कर और सदन को गुमराह कर, बजट प्रस्तावों पर बिना किसी चर्चा के महापौर बजट पारित कराने की चालबाजी तो कर सकते हैं, लेकिन जनता का दिल नहीं जीत सकते।

माकपा के जिला सचिव प्रशांत झा ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया में कहा है कि 850 करोड़ रुपये के बजट में आम जनता के लिए न विकास है, न राहत, जबकि अधिकांश नागरिकों की आजीविका कोरोना संकट के कारण प्रभावित हुई है और उनकी आय में भयंकर गिरावट आई है। यही कारण है कि माकपा ने गरीब जनता और लघु व्यापारियों का संपत्ति कर सहित अन्य बकाया कर माफ करने, कर्मचारियों के नियमित पदों को भरने और सफाईकर्मियों को दैनिक वेतनभोगियों के रूप में नियमित करने और राजस्व भूमि और वन भूमि पर वर्षों से काबिज परिवारों को पट्टे और भू-अधिकार पत्र देने की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि निजीकरण और आउट सोर्सिंग के प्रस्तावों का माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर द्वारा विरोध करने पर पूरे सदन को इन प्रस्तावों पर पुनर्विचार करने का जो आश्वासन महापौर ने दिया था, उससे चंद घंटे के अंदर मुकरने से यह बात साफ हो गई है कि कांग्रेस की प्राथमिकता में जनता की रोजी-रोटी का सवाल नहीं है, केवल ठेकेदारों और निजी एजेंसियों की तिजोरी को भरना है।

माकपा नेता ने कहा कि पिछड़े हुए बांकी मोंगरा क्षेत्र के विकास के लिए जिन कार्यों को करने की सार्वजनिक घोषणा जुलाई में अपने हस्ताक्षरित बयान में महापौर ने स्वयं की थी, उसकी कोई भी झलक इस बजट में नहीं है और यह बांकी मोंगरा क्षेत्र के नागरिकों के साथ खुला विश्वासघात है। इस क्षेत्र की जनता इसका जवाब अपने प्रतिरोध आंदोलन के जरिये देगी और बिना किसी चर्चा के पारित किए जाने वाले बजट और जबरन कर वसूली के प्रस्तावों को निगम की जनता स्वीकार करने वाली नहीं है।

पार्षद राजकुमारी कंवर ने कहा कि जो आश्वासन मुझे सदन में कल दिया गया था, महापौर द्वारा उससे ही मुकर जाने से मैं आहत हूं और यह इस क्षेत्र की जनता का खुला अपमान है। विरोध प्रदर्शन में राजकुमारी जनक दास, जवाहर सिंह कंवर, रामपूजन यादव, रमेश शर्मा, अभिजीत गुप्ता, जनरैल सिंह, दिलीप नेताम, पुरूषोत्तम, आनंद धांधी, शिवरतन, संजय यादव, शत्रुहन दास आदि माकपा कार्यकर्ताओं सहित इस क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी शामिल थे।

This post was last modified on October 13, 2020 9:15 pm

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Published by
Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi