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ट्रंप की नस्लीय टिप्पणी पर भड़कीं कांग्रेस की प्रतिनिधि महिलाएं, कहा- ह्वाइट हाउस में बैठने के लायक नहीं हैं डोनाल्ड

नई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप के एक और बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने एक ट्वीट में कांग्रेस की चार महिला प्रतिनिधियों को देश छोड़कर अपने-अपने उन अपराधयुक्त स्थानों पर चले जाने के लिए कहा है जहां से वो आयी हैं। इस बयान के साथ ही अमेरिका में बवाल खड़ा हो गया है। और खुद उन चारों महिलाओं ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की गुजारिश की है। साथ ही उनका कहना है कि ट्रंप ह्वाइट हाउस में रहने लायक शख्स नहीं हैं।

ट्रंप द्वारा निशाना बनायी गयीं चार में से तीन महिलाएं अलेक्जैंड्रिया ओकैसियो-कॉर्टेज, अयाना प्रेसली और राशिदा तालैब अमेरिका में पैदा हुईं हैं और उनका पालन-पोषण भी वहीं हुआ है। चौथी कांग्रेस की प्रतिनिधि इल्हान ओमर सोमालिया में पैदा हुई थीं और जब 12 साल की थीं तो शरणार्थी के तौर पर अमेरिका आ गयी थीं। सभी अमेरिकी नागरिक हैं।

कानून निर्माताओं द्वारा लगातार इमिग्रेशन नीतियों की आलोचना किए जाने पर ट्रंप जमकर भड़क गए। स्क्वैड के तौर पर जानी जाने वाली ये महिलाएं हाल में पैट्रोल सुविधाओं का जायजा लेने के लिए सीमा पर गयी थीं और डिटेंशन में प्रवासियों के साथ होने वाले व्यवहार की आलोचना की थी।

ट्रंप के इन महिला प्रतिनिधियों पर हमले की बड़े स्तर पर निंदा हुई है और आलोचकों ने इस टिप्पणी को नस्लीय और कट्टरपंथी करार दिया था। लेकिन रिपब्लिकन द्वारा इसको ज्यादा तवज्जो नहीं दिया गया।

उसके बाद सोमवार को ट्रंप ने अपने हमले को और तेज कर दिया। उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा कि “ये वही लोग हैं जो हमारे देश से घृणा करते हैं।”

उन्होंने कहा कि “अगर आप अमेरिका में खुश नहीं हैं, अगर आप हर समय शिकायत कर रहे हैं तो बहुत सामान्य सी बात है; आप उसे छोड़ सकते हैं।”

जब राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या उनको इस बात की चिंता नहीं है कि उनकी टिप्पणी को नस्लीय मानी जाएगी। इस पर राष्ट्रपति को कोई फर्क नहीं पड़ा।

ट्रंप ने कहा कि “इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि बहुत सारे लोग मुझसे सहमत हैं।”

गोरे राष्ट्रवादियों का एजेंडा

एक संवाददाता सम्मेलन में चारों महिला कानून निर्माताओं ने कहा कि ट्रंप का लक्ष्य देश का बंटवारा और इमिग्रेशन, स्वास्थ्य और टैक्सेशन संबंधी बहसों से ध्यान हटाना है।

ओकैसियो कार्टेज ने कहा कि “नीति पर बहस और उसकी चुनौती से बचने के लिए कमजोर दिमाग और नेता हमारे देश के प्रति समर्पण को चुनौती देते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि “मैं पूरे देश में बच्चों को बताना चाहती हूं कि राष्ट्रपति ने जो कहा उसका कोई मतलब नहीं है यह देश आप का है और यह हर किसी का है।”

ओमर कांग्रेस की चार चुनी हुई महिलाओं पर नंगे तरीके से किए गए ट्रंप के हमले पर जमकर बरसीं।

उन्होंने कहा कि “यह गोरे राष्ट्रवादियों का एजेंडा है…..यह हम लोगों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की योजना का हिस्सा है।”

ट्रंप द्वारा उन्हें अलकायदा का समर्थक बताए जाने के सवाल पर ओमर ने कहा कि बहुत सारे अमेरिका के मुस्लिम उस हमले से परिचित हैं और वह इसका उत्तर देकर उसे गौरवान्वित नहीं करना चाहती हैं।

प्रेसली ने कहा कि ट्रंप के पास वह उदारता, प्रेम और सौहार्द नहीं है जो राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठने के लिए जरूरी है।

प्रेसली ने कहा कि “मैं अमेरिकी लोगों को और हम सभी को –इस कमरे के भीतर और बाहर भी- इस प्रलोभन को स्वीकार नहीं करने के लिए उत्साहित करती हूं।”

चारों महिलाएं ट्रंप की धुर विरोधी हैं। और कांग्रेस के लिए उनका 2018 में चुनाव हुआ था। यह उनके डेमोक्रैटिक जिलों में पैदा हुए ट्रंप विरोधी भावनाओं का नतीजा था।

स्क्वैड डेमोक्रैटिक नेतृत्व के प्रति भी आलोचनात्मक रुख रखता रहा है। और पार्टी के विधायी एजेंडे को लेकर सदन की नेता नैंसी पेलोसी से भी उनका विवाद रहा।

This post was last modified on July 17, 2019 11:09 am

Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi

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