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यूपीः दस दिन में तीसरी दलित किशोरी के साथ आपराधिक वारदात!

उत्तर प्रदेश में अपराधी बेलगाम हो गए हैं। खास तौर से दलितों और पिछड़ों के खिलाफ पिछले दिनों कई आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं। प्रदेश में पिछले दस दिनों में तीन लड़कियों के साथ रेप और हत्या की वारदात हुई हैं।

अब लखीमपुर खीरी जिले में घर से वजीफे का फॉर्म भरने निकली अनुसूचित जाति की छात्रा का शव मिला है। 10 दिन पहले भी इसी जिले के पकरिया गांव में एक दलित नाबालिग की गैंगरेप के बाद नृशंस हत्या कर दी गई थी।

पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, लखीमपुर खीरी जिले के नीमगांव थाने के धंवरपुर गांव निवासी चित्रकुमार की बेटी 24 अगस्त को सुबह तकरीबन आठ बजे बेहजम कस्बा जाने के लिए निकली थी। इंटरमीडिएट की छात्रा को छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना था। वह शाम तक घर नहीं लौटी तो परेशान परिजन उसकी तलाश में इधर-उधर दौड़ते रहे। मंगलवार सुबह किसी ने उन्हें बताया कि छात्रा का शव पास के गांव बसारा के खरौचा तालाब के पास पड़ा है।

पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें छात्रा की हत्या की आशंका जताई गई है। ज़्यादा जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मिल सकेगी। मृतक छात्रा के पिता चित्रकुमार अनुसूचित जाति से आते हैं। सामाजिक और आर्थिक तौर पर बेहद गरीब इस परिवार के पास महज दो बीघा ज़मीन है और उनका गुज़र-बसर मजदूरी से चलता है।

लखीमपुर खीरी जिले में ही 14 अगस्त को एक 13 साल की दलित लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। खबरों के मुताबिक लड़की की आंखें भी फोड़ दी गई थीं। हालांकि एसपी का बयान था कि गन्ने की पत्तियों से आंखों में जख्म हुए थे। इस वारदात के बाद यूपी में सिसायत गर्मा गई थी।

इस वारदात के बाद गोरखपुर के ग्राम बेलसडी गांव में भी एक 17 साल की दलित लड़की को हैवानियत का शिकार बनाया गया था। रेप के बाद इस लड़की के शरीर को सिगरेट से दागा गया था।

This post was last modified on August 25, 2020 7:49 pm

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Published by
Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi