गाइडलाइंस के ख़िलाफ़ कोर्ट जाने से केंद्र सरकार और वॉट्सएप कंपनी के बीच तकरार

फेसबुक के मालिकाना हक़ वाली मेसेंजिंग एप वॉट्सएप ने केंद्र सरकार के नये आईटी नियमों के ख़िलाफ़ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वॉट्सएप कंपनी का कहना है कि सरकार के इस फैसले से लोगों की प्राइवेसी खत्म हो जाएगी। वॉट्सएप के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया है कि मैसेजिंग एप से चैट को इस तरह से ट्रेस करना लोगों की निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा। हमारे लिए यह वॉट्सएप पर भेजे गए सारे मैसेज पर नज़र रखने जैसा होगा, जिससे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का कोई औचित्य नहीं बचेगा।

वॉट्सएप कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, हम लगातार सिविल सोसायटी और दुनियाभर के विशेषज्ञों के साथ उन पहलुओं का विरोध करते आए हैं, जिससे यूजर की प्राइवेसी को ख़तरा हो सकता है। इस बीच हम मामले का समाधान निकालने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत जारी रखेंगे।

वहीं इलेक्ट्रानिक्स एंड आईटी मिनिस्ट्री ने वॉट्सएप के आरोपों पर जवाब देते हुये कहा है कि भारत सरकार राइट टु प्राइवेसी का सम्मान करती है। सरकार का इसे नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है, जब वॉट्सएप को किसी खास मैसेज के ओरिजिन का खुलासा करना ज़रूरी हो। ऐसी ज़रूरत सिर्फ़ उन्हीं केस में होती है, जब किसी खास मैसेज पर रोक ज़रूरी हो या सेक्सुअल एक्सप्लिक्ट कंटेंट जैसे गंभीर अपराधों की जांच और सजा का मसला हो।

गौरतलब है कि तीन महीने पहले 25 फरवरी को केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय द्वारा जारी किये गये नये गाइडलाइन में वॉट्सएप और उस जैसी कंपनियों को अपने मैसेजिंग ऐप पर भेजे गए मैसेज के ओरिजिन (उद्गम) की जानकारी अपने पास रखनी होगी। सरकार के इसी नियम के ख़िलाफ़ वॉट्सएप कंपनी ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

वहीं मिनिस्ट्री ने अपने बयान में कहा कि एक ओर वॉट्सएप प्राइवेसी पॉलिसी को अनिवार्य बनाना चाहता है, जिसमें वह अपने यूजर का डेटा मूल कंपनी फेसबुक के साथ शेयर करना चाहता है। दूसरी ओर वह लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने और फेक न्यूज पर रोक लगाने के लिए ज़रूरी गाइडलाइंस को लागू न करने के लिए हर कोशिश करता है।

सरकार की ओर से बयान में कहा गया है कि भारत में चलाए जा रहे कोई भी ऑपरेशन यहां के कानून के दायरे में आते हैं। वॉट्सएप की ओर से गाइडलाइंस का पालन करने से इनकार करना साफ-साफ इसकी अवहेलना है। एक अहम सोशल मीडिया इंटरमीडियरी के रूप में वॉट्सएप आईटी एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक सुरक्षा चाहता है। यह सही नहीं है। वे इससे बचना चाहते हैं।

This post was last modified on May 26, 2021 9:59 pm

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