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लखनऊः आग से पीड़ित परिवारों को 50 हजार मुआवजा दे सरकार- भाकपा माले

लखनऊ। भाकपा माले की जिला कमेटी ने झुग्गी बस्ती में आग लगने से पीड़ित लोगों को मुआवजा देने की मांग जिला प्रशासन से की है। माले की टीम ने ऐशबाग स्थित धोबीघाट झुग्गी बस्ती का दौरा किया है। पार्टी ने मुआवजा देने की मांग में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी दिया।

भाकपा माले की चार सदस्यीय टीम ने सिटी मजिस्ट्रेट सुशील प्रताप सिंह को ज्ञापन देकर पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है। जांच दल के संज्ञान में ये बात आई थी कि अब तक जिला प्रशासन और सरकार की तरफ से पीड़ितों को कोई सहायता नहीं पहुंची है। इसी संदर्भ में भाकपा माले जिला प्रभारी कॉ. रमेश सिंह सेंगर के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।

इसमें मांग की गई है कि पीड़ित परिवारों को फौरी राहत के लिए सरकार प्रति परिवार 50,000 रुपये का मुआवजा दे। उनके फौरी भरण पोषण के लिए पर्याप्त राशन की व्यवस्था की जाए। पीड़ित परिवारों को उसी जगह पर पक्के आवास की व्यवस्था की जाए। महामारी/बीमारियों के प्रकोप से तथा मच्छरों से बचाने लिए उस इलाके में दवाओं का तत्काल छिड़काव करवाया जाए।

लखनऊ के ऐशबाग इलाके स्थित धोबीघाट झुग्गी बस्ती में 11 अक्तूबर को देर रात लगभग एक बजे आग लग गई थी। आग की चपेट में कई झुग्गियां आ गईं, हालांकि किसी की जान नहीं गई। चार बकरियों की आग से मौत हो गई है। इस झुग्गी में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर, कारीगर, घरों में चौका-बर्तन करने वाली स्त्रियां, और समाज की सबसे गरीब आबादी रहती है।

वहां उपस्थित लोगों के मुताबिक रात को अचानक कथित रूप से गैस सिलेंडरों के फटने से अफरा तफरी का माहौल हो गया था। बस्ती में कथित रूप से करीब 10-15 सिलेंडरों के फटने का अंदाज़ा है। जब तक लोगों की आंख खुली तब तक आग काफी बड़े हिस्से में फैल चुकी थी। लोग सिर्फ अपनी और अपने बच्चों की जान बचा पाते तब तक देखते ही देखते लगभग पांच दर्जन घर पूरे सामान समेत राख के ढेर में बदल गए।

वहां मौजूद मोहम्मद कमर ने बताया कि 30 अक्टूबर को उनकी बेटी की शादी थी। अपनी बेटी को देने के लिए वे सिलाई मशीन लाए थे, जोकि आग की भेंट चढ़ गई। उसी के साथ शादी की तैयारी का सारा सामान और नकदी भी जल गई। वहीं की निवासी नजमा अपने बैटरी रिक्शे की जली हुई बॉडी दिखाकर कहती हैं कि यही हमारे घर की रोज़ी रोटी का सहारा था, ये भी जल गया अब हम क्या करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा है। चंदासाह जोकि पल्लेदारी करते हैं उनकी दस हजार रुपये की नकदी जल कर राख हो गई। वहां मौजूद रीता का कहना है कि अब हमारे सिर की छत भी छिन गई अब हम कहां रहेंगे।

इसी तरह बहुत से परिवारों का भारी नुकसान हुआ है और उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट है। अभी तक प्रशासन और सरकार ने कोई मदद नहीं की है। कुछ मोहल्ले वाले खाने वगैरह का प्रबंध कर रहे हैं, लेकिन वो पर्याप्त नहीं है। झुग्गी वासियों का कहना है कि असली सवाल हमारे लिए ये है कि हमारे सिर पर से जो छत हट गई है वो कैसे वापस मिले। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी झुग्गियों को फिर से बनाकर दे।

जांच दल में भाकपा माले के जिला सचिव कॉ. रमेश सिंह सेंगर समेत कॉ. चंद्रभान गुप्ता, कॉ. अतुल उपाध्याय, कॉ. शिवम सफीर तथा कॉ. आयुष श्रीवास्तव शामिल थे। जांच दल ने सभी लोगों से मिल कर उन्हें प्रशासन से मदद दिलाने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है।

This post was last modified on October 15, 2020 4:30 pm

Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi

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