हरियाणा के कोविड 19 स्टेट नोडल अफसर कोरोना की चपेट में, सूचना के बाद पीजीआई रोहतक में खलबली

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रोहतक। हरियाणा के कोविड-19 के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. ध्रुव चौधरी भी कोराना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। उनकी बेटी की रिपोर्ट भी कोराना पॉजिटिव आई है। पं. भगवत दयाल शर्मा हेल्थ यूनिवर्सिटी (पीजीआईएमएस रोहतक) के सीनियर प्रोफेसर डॉ. ध्रुव पल्नमरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसन डिपार्टमेंट के अध्यक्ष हैं। उनकी बेटी मेडिकल स्टूडेंट हैं। इन दोनों को आइसोलेट कर दिया गया है। पीजीआईएमएस प्रशासन ने डॉ. ध्रुव चौधरी के संपर्क में आए 110 लोगों को चिह्नित कर उनमें से हाई रिस्क की आशंका वाले 41 लोगों को क्वारंटीन कर दिया है। इनमें मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एमजी वशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर्स भी शामिल हैं।

कई दूसरे राज्यों की तरह हरियाणा में भी कोरोना वायरस का संक्रमण जिस तेज़ी से फैल रहा है, उसके लिहाज़ से इंतज़ामात पर्याप्त नज़र नहीं आ रहे हैं। शायद इसीलिए, परसों बुधवार को पीजीआईएमएस के सीनियर प्रोफेसर व कोविड-19 के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. ध्रुव चौधरी ने आदेश जारी किया था कि मामूली लक्षण वाले कोविड-19 के मरीजों को अस्पताल के बजाय होम क्वारंटीन किया जाए। सहमति पत्र भरवाकर उन मरीजों को घर पर भेजने की बात कही गई थी जिनके घर पर उनके अलग रहने की व्यवस्था है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की शुरुआत के दिनों में पीजीआईएमएस रोहतक को कोविड-19 का नोडल सेंटर बनाया गया था। यहाँ आइसोलेशन वॉर्ड स्थापित कर दिया गया था और 11 जिलों के कोरोना सेंपल्स की जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थापित कर दी गई थी।

डॉ. ध्रुव चौधरी के नेतृत्व में करीब 100 डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की गई थी। बुधवार को डॉ. चौधरी और उनकी बेटी के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि से हड़कंप मच गया। कोविड वॉर्ड में ड्यूटी वाले दूसरे डॉक्टरों व कर्मचारियों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए। पीजीआईएमएस, रोहतक के पीआरओ डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि डॉ. ध्रुव चौधरी को होम आइसोलेट किया गया है। डॉ. चौधरी के संपर्क में आए 110 लोगों को ट्रेस किया गया। हाई रिस्क की आशंका वाले 41 लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। इनमें पीसीसीएम विभाग के दो डॉक्टर, पांच कर्मचारी और दो बेयरर शामिल हैं। एनेस्थीसिया विभाग के 14 डॉक्टर,  चिकित्सा अधीक्षक विभाग से तीन डॉक्टर व कर्मचारी, डायरेक्टर ऑफिस से दो डॉक्टर व छह कर्मचारी, माइक्रोबायोलाजी विभाग से पांच डॉक्टर, वीसी ऑफिस से तीन डॉक्टर व कर्मचारी, कंट्रोल रूम से तीन डॉक्टर व स्टाफ को क्वारंटीन किया गया है। 

स्टेट नोडल ऑफिसर का चार्ज डॉ. वीके कत्याल को दे दिया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एमजी वशिष्ठ को भी क्वारंटीन करना पड़ा है जिस कारण चिकित्सा अधीक्षक का अतिरिक्त कार्यभार डीन (अकेडमिक अफेयर) डॉ. शमशेर सिंह लोहचब को दिया गया है। डिप्टी डीन का चार्ज पैथोलॉजी विभाग की डॉक्टर निशा मरवाह को सौंपा गया है। कोविड-19 के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में डेंटल कॉलेज के डॉ. हरनीत सिंह, प्रोफेसर डॉ. पंकज गहलोत व स्टेट ड्रग डिपेंडेंस सेंटर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार की नियुक्ति की गई है। 

डीएमएस डॉ. संदीप ने बताया कि अब किसी भी कोरोना संदिग्ध व्यक्ति का सैंपल सी ब्लॉक में नहीं लिया जाएगा। सी ब्लॉक में अब सिर्फ इमरजेंसी, वॉर्ड या फ्लू क्लीनिक से रेफर मरीज का ही सैंपल लिया जाएगा। इसके अलावा कोरोना के कंफर्म मरीजों को सीधा ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया जाएगा। डॉ. रोहिताश यादव ने दावा किया कि इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों व कर्मचारियों को क्वारंटीन किए जाने के बावजूद पीजीआईएमएस की सेवाओं पर असर नहीं आने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के शुरुआती दिनों में पीजीआईएमएस रोहतक की ही एनीस्थिया विभाग की एक पीजी के ट्वीट ने तूफान खड़ा कर दिया था। बताया जाता है कि पीपीई और मास्क को लेकर किए गए इस ट्वीट पर उस पीजी को सफाई देनी पड़ी थी। इस मामले को रफा-दफा करने के साथ ही यह बात उठी थी कि दूसरे विभिन्न राज्यों की तरह हरियाणा में भी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ज़रूरी उपकरणों को लेकर सवाल उठाने की स्थिति में नहीं हैं। बताया जाता है कि अधिकांश जगहों पर पीपीई किट और मास्क डॉक्टरों व स्वास्थ्याकर्मियों को ख़ुद ही खरीदने पड़ रहे हैं। बताया जाता है कि कई प्राइवेट संस्थानों में तो वॉट्सएप के जरिये पीपीई-मास्क का इंतजाम खुद करने के निर्देश दिए गए। इन उपकरणों के लिए कोई अधिकृत सप्लायर या दुकान तलाशना भी मुश्किल रहता है। देशभर से यह खबरें भी लगातार आई हैं कि पीपीई और मास्क साधारण सिलाई मशीनों से ही सिल कर बेच दिए जा रहे हैं।

(जनचौक के रोविंग एडिटर धीरेश सैनी की रिपोर्ट।)  

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