अडानी समूह से जुड़ी कंपनियों के फ्राड और धोखाधड़ी का खुलासा करने वाली हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म की इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा है। कॉरपोरेट क्षेत्र में होने वाली गड़बड़ियों की गहरी तहकीकात करने वाली इस कंपनी की स्थापना नाथन एंडरसन ने की है। 38 वर्षीय एंडरसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट से इंटरनेशनल बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। अमेरिका में रहने से पहले वह येरूसलम में रहते थे। अमेरिका में उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत एक फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर कंपनी फैक्टसेट में एक कंसल्टेंट के तौर पर की थी। उसके बाद उन्होंने वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में ब्रोकर डीलर का काम किया। यह दोनों जानकारियां जून 2021 में फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के हवाले से दी गयी हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स में जब यह लेख प्रकाशित हुआ था तो एंडरसन पांच कर्मचारियों की एक छोटी टीम और कुछ मुट्ठी भर कॉन्ट्रैक्टरों के साथ काम कर रहे थे। हिंडनबर्ग की स्थापना से पहले एंडरसन ने हैरी मार्कोपोलोस के साथ काम किया था जिन्होंने बर्नी मैडॉफ की पोंजी स्कीम को झंडी दिखायी थी और जिस पर 1 बिलियन डॉलर के फ्रॉड का आरोप लगा था। एंडरसन के बारे में मार्कोपोलोस के हवाले से कहा गया था कि “वह विश्वस्तरीय खोजी शख्सियत है।” मार्कोपोलोस का कहना है कि अगर वहां कोई तथ्य है तो वह उन्हें हासिल कर लेगा। वह मामले की गहराई तक जाता है और भूसे से सूई निकाल लेने की क्षमता रखता है। फाइनेंशियल टाइम्स की मानें तो एंडरसन मार्कोपोलोस को अपना मेंटर मानते हैं। येरूसलम में एंडरसन एक स्थानीय एंबुलेंस सेवा के लिए काम करते थे। जिसके बारे में उनका कहना था कि वह अनुभव उनके लिए अभी भी काम कर रहा है।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि एक एंबुलेंस मेडिकोकर्मी की तरह टूटी चीजों को जोड़ने के लिहाज से वह सबसे बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।
हिंडनबर्ग ने दूसरे किन कामों को अंजाम दिया है?
कंपनी की वेबसाइट खुद अपना ट्रैक रिकॉर्ड बताती है। उसने ढेर सारे मामलों को सूचीबद्ध कर रखा है। इसकी शुरुआत सितंबर 2020 की एक रिपोर्ट “निकोला: हाऊ टू पारले एन ओसियन ऑफ लाइज इनटू ए पार्टनशिप विथ द लार्जेस्ट आटो वोईएम इन अमेरिका” से हुई। इसमें उसने अपने ह्विसलब्लोअरों और पूर्व कर्मचारियों की मदद से निकोला द्वारा बोले जाने वाले झूठों और धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया था। दिलचस्प बात यह है कि इन्हीं को आधार बनाकर वह जनरल मोटर्स के साथ साझेदारी करने जा रही थी।
निकोला एक अमेरिकी एनर्जी सोल्यूशन कंपनी है जो इलेक्ट्रिक वाहन बनाने का काम करती है। मोर्कोपोलोस ने कहा कि वह अपनी भूमिका में है और कंपनियां उससे डरती हैं। इसके अलावा एंडरसन ने डब्ल्यूआईएनएस फाइनेंस और आरडी लीगल के बारे में खुलासे किए थे। कंपनी की वेबसाइट में इस बात का दावा किया गया है कि हिंडनबर्ग के तकरीबन सभी कामों को लीगल या फिर रेगुलेटरी एजेंसियों ने फालो किया है।
आखिर कैसे पड़ा फर्म का नाम हिंडनबर्ग
यह नाम 1937 के हिंडनबर्ग त्रासदी से लिया गया है। यह एक दुर्घटना थी जिसमें जर्मन नागरिकों से भरा एक विमान आग की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया था और उसमें 35 लोगों की जान चली गयी थी। जो मानव निर्मित त्रासदी

हिंडनबर्ग रिसर्च का अपनी वेबसाइट पर कहना है कि कंपनी का फोरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च में विशेषज्ञता है। उसके पास इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में दशकों का अनुभव है। जिसमें वह इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव विश्लेषण को केंद्रित करती है।
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