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गोंडा: सत्ता पोषित दबंगों ने जमींदोज किया अल्पसंख्यक परिवार का घर, घटनास्थल पर पहुंची माले की टीम

लखनऊ। भाकपा (माले) की तीन सदस्यीय टीम ने गोंडा में परसपुर थाना क्षेत्र के नन्दौर गांव का दौरा कर पीड़ित अल्पसंख्यक परिवार से भेंट की है। आपको बता दें कि दबंग ठाकुरों ने जेसीबी चलवाकर नौनिर्वाचित बीडीसी सदस्य मैनुद्दीन का घर जमींदोज करा दिया था। घटना बीती 11 जुलाई की है। 

जांच टीम ने घटनास्थल से लौटकर कहा कि घर गिराने की घटना ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को वोट देने के लिए मैनुद्दीन को दिए गए प्रलोभन और निर्देशों के आगे न झुकने के कारण हुई। इसके अलावा, दबंग लोग उक्त जमीन को खाली भी कराना चाहते थे। हालांकि भाजपा का ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी अंत समय में ‘निर्विरोध’ जीत गया, क्योंकि विपक्षी प्रत्याशी का नामांकन ही दाखिल नहीं हो पाया। जीतने के बाद दबंगों का मनोबल बढ़ा। उन्होंने इस मौके को सबक सिखाने और जमीन खाली कराने के अवसर के रूप में भुनाया।

जांच टीम को मैनुद्दीन ने बताया कि चुनाव परिणाम घोषणा के अगले दिन, ग्यारह जुलाई की शाम जब वह घर पर नहीं थे, दबंगों ने भाजपा नेता व पसका गांव प्रधान की जेसीबी मशीन बुलाकर उनके कच्चे छप्पर मकान सहित पेड़ों को जड़ से उखाड़ कर जमीन को समतल करा दिया। गृहस्थी के सामान को तहस-नहस कर दिया। 

टीम ने पड़ताल के बाद कहा कि घटना भाजपा के इशारे पर अंजाम दी गई। घटना के सोशल मीडिया में वायरल होने पर ही प्रशासन हरकत में आया। कर्नलगंज के एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर घर की नाप करवाई, जिसमें उक्त जमीन पुरानी आबादी में पायी गई। मुख्य अभियुक्त यशवंत सिंह, जो सत्ताधारी दल से जुड़ा है, गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर छूट गया है। 

टीम ने कहा कि फिलहाल घटनास्थल पर थाने के दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। वहीं मैनुद्दीन का परिवार एक टीन शेड के नीचे भय के माहौल में रहने को मजबूर है। गांव में मुस्लिम आबादी नाम मात्र की है। इसके बावजूद मैनुद्दीन को लोगों ने जिताया था।

जांच टीम में माले राज्य कमेटी सदस्य राधेश्याम मौर्य, अमरनाथ सिंह व शिवराम शामिल थे। टीम की रिपोर्ट मिलने पर माले राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि योगी की सरकार में न दलित सुरक्षित हैं, न महिला और न ही अल्पसंख्यक। यह सरकार समाज के कमजोर हिस्सों को सुरक्षा देने के बजाय उनके उत्पीड़न के लिए कुख्यात हुई है। सरकारी संरक्षण के चलते दबंगई सातवें आसमान पर है। अल्पसंख्यकों को खासकर निशाना बनाया जा रहा है और वे सर्वाधिक असुरक्षित हैं। विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही भाजपा की ध्रुवीकरण की कोशिशें तेज हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध और एकजुटता के बल पर इसका मुकाबला करना होगा

This post was last modified on July 15, 2021 8:35 pm

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