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नमाज पढ़ने जा रहे नेशनल कांफ्रेंस नेता फारुक अब्दुल्ला को सुरक्षा बलों ने घर में रोका

नई दिल्ली। सुरक्षा बलों ने कल नेशनल कांफ्रेंस के नेता और नवगठित गठबंधन के चेयरमैन फारुक अब्दुल्ला को मोहम्मद साहब के जन्मदिन ईद-ए-मिलाद के मौके पर आयोजित होने वाले जलसे में भाग लेने से रोक दिया।

डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि “उन्होंने (सुरक्षा बलों) मुझे नमाज अदा करने की इजाजत नहीं दी, बावजूद इसके कि यह बेहद पवित्र दिन था”।

नेशनल कांफ्रेंस नेता ने बताया कि डॉ. अब्दुल्ला के आवास को शुक्रवार की सुबह से ही सुरक्षा बलों द्वारा ब्लॉक कर दिया गया था। उन्होंने इसे प्रार्थना करने के बुनियादी अधिकार का उल्लंघन करार दिया है।

पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डेक्लेरेशन (पीएजीडी) के प्रवक्ता सज्जाद लोन ने कहा कि “हम प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के मूल अधिकारों में कटौती में नई गिरावट को दर्शाता है। उन्हें हजरतबल में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए जाना था।”

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस पहल ने भारत सरकार के गहरे पागलपन और जम्मू-कश्मीर के प्रति उनके कड़े रवैये का पर्दाफाश कर दिया है।

इस बीच, नये बने गठबंधन के विस्तार के लिए नेताओं ने कारगिल इलाके का दौरा किया है। यहां उन्होंने 5 अगस्त से पहले की बहाली की दिशा में चलने वाले आंदोलन के प्रति समर्थन हासिल करने के लिए लोगों से मुलाकात की। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय पार्टी नेताओं के साथ ही लद्दाख ऑटोनामस हिल डेवलपमेंट कौंसिल-कारगिल के सदस्यों और धार्मिक संगठनों के नेताओं से भी मुलाकात की।

द्रास में एक सभा को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि 5 अगस्त का फैसला जबरन लागू किया गया था। “हमने उसे स्वीकार नहीं किया है और जो कुछ भी छीन लिया गया है उसे हासिल करने के लिए हम लड़ेंगे।”

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त के पहले की स्थितियों को बहाल करने के मसले को लेकर हम सभी एकजुट हैं। उनके साथ पीडीपी और अवामी नेशनल कांफ्रेंस के भी नेता थे।

हम सभी यहां इस बात को सुनिश्चित करने आए हैं कि हमने जो लड़ाई शुरू की है उसमें आप सभी उसके साथ होंगे। लद्दाख के लोग हमारे दिमाग और दिल में हैं। लद्दाख के अलग होने के बाद यह पहला मौका है जब नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से का दौरा किया है।

(ज्यादातर इनपुट ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट से लिए गए हैं।)

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This post was last modified on October 31, 2020 10:24 am

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