Tuesday, January 18, 2022

Add News

भारत छोड़ो आन्दोलन की वर्षगाँठ पर किसान पुलिस दमन का शिकार

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

आज अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के अवसर पर हजारों की संख्या में, कोठागुडेम, तेलंगाना में एआईकेएमएस के नेतृत्व में, आदिवासियों ने वन अधिकार कानून 2006 के अमल, खेती के तीन काले कानून रद्द कराने और वन उत्पादों व सभी फसलों का एमएसपी- सी 2 प्लस 50 % पर गारंटी करने की मांगों पर प्रदर्शन किया।

वहीं दूसरी ओर भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा घोसी, मऊ के तत्वाधान में कई संगठनों से हजारों किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, बुजुर्ग, महिला मिलकर घोसी (जनपद-मऊ) से बनारस तक पदयात्रा में शामिल होकर माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन देने निकले तकरीबन एक किलोमीटर चलने पर यात्रा रोक दिया और गिरप्तार कर घोसी कोतवाली ले जाकर बैठाया गया है।

गौरतलब है कि ये संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल थी। आज सुबह 10 बजे से ही लोग घोसी रोडवेज पर इकठ्ठा होने लगे और तकरीबन दोपहर के12:30 बजे रोडवेज से बनारस के लिए जुलूस की शक्ल में पैदल निकले और घोसी कोतवाली पहुँच कर नुक्कड़ सभा किया। अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल अंजान तथा इंडिया किसान मजदूर सभा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने सभा को संबोधित किया और कहा कि आज पूर्वान्चल की धरती से दिल्ली में डेरा डाले किसानों के समर्थन में जो चिंगारी फूटी है, अब पूर्वांचल किसान आन्दोलन का केन्द्र बनेगा। सभा को राघवेंद्र कुमार, राजीव यादव, रूवाब खान, रजनीश भारती, आदि ने भी संबोधित किया।

आज इस पद यात्रा को पुलिस द्वारा रोके जाने पर कॉमरेड धर्मपाल सिंह, जनवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष रूवाब खान और जनवादी किसान सभा से सुनील पंडित, अरविंद मूर्ती, राम आसरे, राम विलास, गुंजा कुमारी, मालती, अजय असुर, रजनीश भारती आदि कार्यकर्ता, एआईकेएफ से अनुभव दास, क्रांति नारायण सिंह भारतीय किसान यूनियन से मिथिलेश यादव, परमानंद यादव, रिहाई मंच से राजीव यादव, हीरा लाल, विनोद यादव, अवधेश यादव, खेती बचाओ किसानी बचाओ मंच से विक्रमा मौर्य, चौधरी राजेंद्र, क्रांतिकारी मजदूर किसान संघर्ष समिति से राम आधार शर्मा, विद्यार्थी युवजन सभा से शैलेश कुमार, इंकलाबी मजदूर केन्द्र से सरोज आदि पचासों साथियों ने गिरफ्तारी दी।

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

पुस्तक समीक्षा: सर सैयद को समझने की नई दृष्टि देती है ‘सर सैयद अहमद खान: रीजन, रिलीजन एंड नेशन’

19वीं सदी के सुधारकों में, सर सैयद अहमद खान (1817-1898) कई कारणों से असाधारण हैं। फिर भी, अब तक,...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -