बिहार में विधानसभा के बाहर विपक्ष ने लगाया समानांतर सदन

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विधानसभा के इतिहास में पहली बार बिहार के सभी विपक्षी दलों के सदस्यों ने विधानसभा के बाहर सदन लगाया। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भूदेव चौधरी को अध्यक्ष चुनकर सदन का संचालन किया और बिहार विधानसभा में विपक्षी विधायकों संग हुए मारपीट की घटना को लेकर विरोध जताया।

इससे पहले बिहार विधानसभा में मंगलवार की घटना से नाराज़ आरजेडी समेत विपक्ष के विधायकों ने एक ओर नीतीश कुमार सरकार की भर्त्सना की और सदन का बहिष्कार किया।

वहीं दूसरी तरफ विधानमंडल परिसर में ही बैठकर प्रदेश सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों ने नई सरकार का गठन भी कर लिया। आज नाराज़ विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा के बाहर सदन की कार्यवाही संचालित की। विपक्षी सदस्यों ने राजद के भूदेव चौधरी को अध्यक्ष बना दिया और उन्हें कुर्सी पर बिठा कर खुद ज़मीन पर बैठ गए। अध्यक्ष के रूप में भूदेव चौधरी ने नियमन भी दिया। कई सदस्यों ने कार्यवाही में भाग लिया और अध्यक्ष के नहीं सुनने पर नाराजगी भी प्रकट की। माले के सत्यदेव राम ने विधानसभा के अंदर विधायकों के साथ मारपीट की घटना को गंभीर बताते हुए चर्चा कराने की भी मांग की।

 इस तरह सत्ता पक्ष ने जहां विधानसभा में सदन लगाया वहीं विपक्षी दलों ने विधानसभा के बाहर परिसर में सदन लगाया। ये आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार सभी विपक्षी दलों के सदस्यों ने विधानसभा के बाहर सदन लगाया।

वहीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को 5 साल तक विधानसभा का बाय काट करने की चेतावनी दी है। बुधवार को बिहार विधानसभा में सदन की कार्यवाही से समानांतर विधायकों के साथ बैठे तेजस्वी यादव ने विधानसभा परिसर में हुई मारपीट और लाठीचार्ज की घटना की ना केवल निंदा की बल्कि खुले तौर पर नीतीश कुमार को चुनौती दी।

विधानसभा परिसर में अपने विधायकों के साथ काली पट्टी बांधकर पहुंचे तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सी ग्रेड की पार्टी बताते हुए कहा कि विधानसभा में मर्यादा को तार-तार करते हुए हमारे विधायकों को गंदी-गंदी गालियां दी गई। तेजस्वी ने कहा कि सदन में हमारे सवाल पर नीतीश कुमार कुछ नहीं बोलते हैं। नीतीश जी को तो कोई खुद से ज्ञान नहीं है लेकिन वह मुझे उपदेश देते हैं।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को 5 साल तक विधानसभा का बाय काट करने की चेतावनी दी है। बुधवार को बिहार विधानसभा में सदन की कार्यवाही से समानांतर विधायकों के साथ बैठे तेजस्वी यादव ने विधानसभा परिसर में हुई मारपीट और लाठीचार्ज की घटना की ना केवल निंदा की बल्कि खुले तौर पर नीतीश कुमार को चुनौती दी थी।

कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र को कलंकित करने वाली घटना

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है – “नीतीश कुमार जी को नैतिक अधिकार नहीं है कि वह अपने आप को बिहार का मुख्यमंत्री कहे। एक नारी होने के नाते कहती हूं कि एक सभा थी जिसमें नारी नग्न हुई थी, उस सभा का अंत क्या हुआ था वो हस्तिनापुर उनको याद दिलाएगा।”

जबकि केंद्र सरकार में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार विधानसभा की घटना को शर्मनाक और लोकतंत्र को कलंकित करने वाली बताते हुए कहा है कि “बिहार की विधानसभा में जो घटना घटी वो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है, सदन में ऐसी घटना कभी नहीं घटी। ये लोकतंत्र को मजबूत बनाने की बजाय खत्म कर रहे हैं, लोकतंत्र की मर्यादाओं का पालन नहीं हो रहा है।”

बिहार कांग्रेस प्रवक्ता भक्त चरण दास ने कल बिहार विधानसभा की घटना पर प्रेस कांफ्रेंस में कहा है – “लोकतंत्र की सीढ़ियों पर जनप्रतिनिधियों का चीरहरण बिल्कुल बर्दास्त नहीं होगा।”

https://twitter.com/CPIMLBIHAR/status/1374614731839840259?s=19

माले ने विधायकों की पिटाई के खिलाफ़ प्रतिवाद मार्च निकालकर धिक्कार दिवस मनाया।

वहीं सीपीआई माले ने कल बिहार विधानसभा में पुलिस बुलाकर विपक्षी विधायकों को पिटवाने और सदन से बाहर फेंके जाने के खिलाफ़ 24 मार्च को प्रतिवाद मार्च निकालकर धिक्कार दिवस के तौर पर मनाया।

बिना विपक्षी दलों के ही चुना गया विधानसभा उपाध्यक्ष

कल पुलिस फोर्स और मॉर्शल के दम पर विपक्षी विधायकों को विधानसभा के बाहर फेंककर बिहार सशस्त्र पुलिस विधयेक पास कराने के बाद आज विपक्षी दलों की गैरमौजूदगी में बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए महेश्वर हजारी निर्विरोध चुने जा रहे थे। यह सब कुछ विपक्ष विहीन बिहार विधानसभा में आज होता रहा। सदन की कार्यवाही विधानसभा में चल रही थी और प्रश्नकाल में मंत्री का जवाब हो रहा था। लेकिन सदन के अंदर की कार्यवाही में केवल सत्ता पक्ष के सदस्य ही मौजूद थे।

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