प्रियंका गांधी पहुंचीं संत रविदास की जन्म स्थली, कहा- सच्चे धर्म में राजनीति की कोई जगह नहीं

Estimated read time 1 min read

वाराणसी/लखनऊ। कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी संत शिरोमणि रविदास जयंती के मौके पर वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली शीर गोवर्धन पहुंचीं। कांग्रेस महासचिव ने शीर गोवर्धन पहुंचकर संत रविदास के दर्शन किए और सत्संग में शामिल हुईं। पिछले साल भी प्रियंका गांधी ने संत शिरामणि के जन्म स्थान पहुंच कर दर्शन किए थे।

इस मौके पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि संत निरंजन दास जी महाराज से मेरा दिल से लगाव है और आज यहां आपके सामने खड़े होकर मैं सिर्फ दो बातें कहना चाहती हूं कि संत रविदास जी ने जो धर्म सिखाया- वह सच्चा धर्म था, सच्चा धर्म है और उस धर्म को धारण करते हुए उसको आप निभाते हैं। वह एक सरल धर्म है, क्योंकि सच्चा धर्म हमेशा सरल धर्म होता है उसमें कोई राजनीति नहीं होती, कोई भेदभाव नहीं होता, किसी का संप्रदाय नहीं देखा जाता, जाति नहीं देखी जाती, सिर्फ इनसानियत देखी जाती है और वह सच्चा धर्म जो होता है, जब आप दिल में उस धर्म को धारण करते हैं तो आपके दिल में, आपके मन में- दया का भाव, करुणा का भाव, सच्चाई का भाव और सेवा का भाव जागृत होता है, इसीलिए वह सच्चा धर्म कहलाता है। जो सच्चा धर्म होता है वह कभी बैर नहीं रख सकता, कभी लोगों को अलग नहीं कर सकता, लोगों को तोड़ नहीं सकता। उसका स्वभाव यही होता है कि आपके मन को शीतल बनाता है, मन में करुणा जगाता है और लोगों को आपस में भाइयों की तरह, बहनों की तरह जोड़ता है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मैं आज सबको धन्यवाद देना चाहती हूं, क्योंकि आपने इस देश में सच्चा धर्म कायम रखा है और इसके पीछे न कोई राजनीति है और न कोई मकसद है। यह वह धर्म है जो संत रविदास महाराज जी ने सिखाया कि सबकी सेवा होनी चाहिए, सबको अन्न मिलना चाहिए, सबको छत मिलना चाहिए और रोज-रोज आपका समाज इस धर्म को निभा रहा है। लोगों की मदद कर रहा है, जिसके पास कुछ नहीं है उनको आप मदद करते हैं आप सेवा करते हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं जानती हूं कि जब पिछले साल कोरोना शुरू हुआ, तब मेरी कोशिश थी कि उत्तर प्रदेश के जो कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं वह भी लोगों की, जनता की सेवा करें। खासतौर से जब लॉकडाउन हुआ था और तमाम लोग घर के लिए अपने गांव के लिए शहरों से पैदल रवाना हुए। उस समय भी जब हमारे लोगों ने रसोइयां खोलीं, सेवा की। तब आपका जो समाज है जहां-जहां आपके समाज के लोग थे आपने बहुत मदद की। इसके लिए भी मैं धन्यवाद देना चाहती हूं।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मेरी आशा है कि संत शिरोमणि रविदास महाराज जी की जो ख्वाहिश थी कि आपसी प्रेम और सद्भाव हो और एक-दूसरे की सेवा की जाए। यह ख्वाहिश राजनीति में भी कायम रहे। मेरी तरह जो लोग राजनीति में आते हैं, वह इसी सेवा भाव से देश की सेवा करें। एक बार मैं आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देना चाहती हूं। आज आपका खास त्योहार है, खास दिन है। आप सब यहां श्रद्धापूर्वक आए हैं। मैं आपको शुभकामनाएं देती हूं, धन्यवाद देती हूं कि आपने इस देश में यह धर्म कायम रखा और अपने दिल में धारण रखा।

You May Also Like

More From Author

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments