Thursday, February 9, 2023

चित्रकूट के घाट पर प्रियंका का आगाज: महिलाओं को लड़नी होगी खुद अपनी लड़ाई

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आज चित्रकूट के रामघाट पर ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ कार्यक्रम के तहत कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने महिलाओं के साथ संवाद स्थपित किया। 

गौरतलब है कि कांग्रेस ने संकल्प किया है कि महिलाओं को लिए 40 प्रतिशत टिकट दिया जायेगा। इसके अलावा सरकार बनने पर लड़कियों को स्मार्ट फोन और इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी देने, आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों को 10 हजार मानदेय,और सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने की प्रतिज्ञा कर चुकी हैं प्रियंका गांधी। 

चित्रकूट में महिलाओं को संबोधित करते हुये कांग्रेस महासचिव ने कहा कि “हर महिला अपने जीवन में संघर्ष करती है और लड़ती है यह हम सैकड़ों साल से देख रहे हैं। अपने समय में रानी लक्ष्मीबाई जी अपने हक़ के लिए लड़ीं, अपने देश के लिए लड़ीं आज जब आप खेतों में काम करती हैं फैक्ट्री में काम करती हैं घर का काम करती हैं पाठशाला में पढ़ाती हैं आंगनबाड़ी की बहने आशा बहू हैं शिक्षा मित्र बहने हैं डॉक्टर हैं नर्स हैं अधिवक्ता हैं आप सब एक तरीके से अपने लिए लड़ रही हैं और यह दिखा रही हैं कि आप मजबूत हैं आप कुछ करके दिखा सकते हैं आज प्रदेश की स्थिति बहुत खराब है”। 

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ललितपुर में खाद की लाइन में लगकर जान गंवाने वाले किसानों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “कुछ दिनों पहले मैं ललितपुर गई थी मैंने सुना कि कुछ किसानों ने खाद की लाइन में लगे लगे लगे अपना दम तोड़ दिया कुछ किसानों ने आत्महत्या कर ली। किसान परिवार के घर गई उनके घर में कुछ भी नहीं था। वह लाइन में इसलिए लगे कि अगर लाइन छूट जाएगी तो खाद नहीं मिलेगी। आज नहीं मिलेगी तो खेत में फसल अच्छी नहीं होगी तो यही सब संघर्ष करते करते उनकी मृत्यु हो गई। जब मैं उनकी बेटी से मिली तो घर लौटते वक्त मैंने सोचा कि जो भी हो सबसे मुश्किल तुम महिला को ही होती है वह मां बेटी अकेले-अकेले क्या करेंगी जो काम करने वाला था वह तो चला गया”।

कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा कि “समाज में चाहे कोई भी समस्या हो उसका बोझ महिला उठाती हैं आप ही सोचिए ढाई सौ रुपए किलो सरसों का तेल मिल रहा है हजार रुपए से ऊपर सिलेंडर मिल रहा है सरकार ने यह सोच रखा है कि महिलाओं को कुछ तोहफे देकर उनके विवेक को पीछे कर देगी। महिला जब आगे बढ़ती है तो तरह तरह की समस्याएं उसके सामने आती हैं अभी जो हमारी बहनें बात कर रही थीं उन लोगों ने बताया कि कितना संघर्ष किया यहां तक पहुंचने के लिए”। 

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चित्रकूट की जन समस्याओं का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि – “यहां पानी की व्यवस्था नहीं है एक एक नल से 10-10 परिवार पानी ले रहे हैं उद्योगों का अभाव है। रोज़गार का अभाव है और उनके समय आप लोगों ने देखा कि यहां के प्रवासी परिवार कितना संघर्ष करके वापस आए लेकिन सरकार ने कोई मदद नहीं की, सरकार ने उस समय कोई मदद नहीं की लेकिन 29 तारीख को मोदी जी भाषण देने आएंगे उसके लिए कल से ही बसें तैयार हो रहीं”। 

प्रियंका गांधी ने महिलाओं को अपना संघर्ष खुद करने की नसीहत देते हुये कहा कि “आपके लिए कोई और संघर्ष करने नहीं आएगा। यह लड़ाई हम बहनों को हम महिलाओं को खुद ही लड़नी होगी। महिला का संघर्ष उसका अपना संघर्ष होता है न, उसे अपनी शक्ति पहचानी होती है शक्ति के बल पर संघर्ष करना होता है। मैंने इसीलिए कहा कि 40% महिलाओं को राजनीति में आना चाहिए और इस विधानसभा चुनाव में रहते हैं जब तक महिलाएं आपकी तरह राजनीति में नहीं आएगी जब तक आगे नहीं बढ़ेंगे। जब तक आपके यहां से विधानसभा में महिला नहीं पहुंचेगी तब तक आपके दुख दर्द को जानने वाला कोई नहीं होगा आप के पक्ष में नीतियां बनाने वाला कोई नहीं होगा”।

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उन्होंने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी पर ज़ोर देते हुए आगे कहा कि एक महिला ही एक महिला का दर्द समझ सकती है उसके लिए नीतियां बना सकती है क्योंकि वह समझ सकती है कि महिलाएं कितना संघर्ष करती हैं। जब तक महिलाओं की राजनीति में आधी आबादी की आधी भागीदारी नहीं होगी तब तक महिलाओं को सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो सकती।  सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो अब गोविंद ना आएंगे,कब तक आस लगाओगी तुम बिके हुए अख़बारों से, कैसी सुरक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से। 

मतलब यह है कि महिलाओं को अपने हक की लड़ाई खुद ही लड़नी होगी

सिर्फ़ अपनी मांग उठा रही थी अपनी आवाज़ उठा रही थी उसमें सिर्फ यह कहा कि मुझे क्यों गिरफ्तार कर रहे हो। किस आधार पर मुझे उठा कर ले जाओगे इसी बात पर उसे इतनी बुरी तरह पीटा उसका हाथ टूट गया था उसका चेहरा एकदम सूजा हुआ था उसने यहां वहां हर जगह फोटो दिखाए। जब मेरे से बात कर रही थी तो वह बता रही थी । वह सिर्फ अपने मानदेय को बढ़ाने की आवाज़ उठा रहे हैं वह कह रहे थे कि इधर कुछ सालों से वह काम करने जाती भी है तो डिलीवरी के लिए उनको जो उनको मिलता है उसे भी अधिकारी उनसे ले लेते हैं यह भ्रष्टाचार की अवस्था है। अपने पीटने वालों से आप अपना हक मांगेंगे तो क्या हक मिलेगा। मतलब इस भाजपा सरकार में आपको हक नहीं मिले आप डरिए मत ठहरिये मत हम आपके साथ हैं”। 

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि – “मैं यहां आप सब से इसलिए बात करने आई हूं मैं कहने आई हूं कि मन बना लीजिए आप आधी आबादी हैं हर 2 में से एक हैं,एकजुट होकर राजनीति में अपना हक मांगा जो सरकार आपके लिए कुछ कर ही नहीं रही है उसको आगे क्यों बढ़ा रहे हैं वोट देने के समय पर आंख बंद करके महिला को बोल दो बिल्कुल मत सोचो। चूंकि एक महिला ही आप के दर्द को समझ सकती है आपके लिए खड़ी हो सकती है।

अगर इस बार 40% महिलाएं लड़ेंगी। लड़ने से देश की राजनीति और समाज में बहुत बड़ा बदलाव आएगा महिलाएं सक्षम होंगी। यह जो शुरुआत की है हमने यह जो पहल की है सारे दलों को मजबूर होना पड़ेगा महिलाओं के हक को देना पड़ेगा यह आपके हक की लड़ाई है आप को एकजुट होना होगा।

इससे पहले ‘प्रियंका गांधी जिंदाबाद’ , ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूं’ के नारों के साथ महिलाओं ने जोर-शोर से प्रियंका गांधी का स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रियंका गांधी के साथ में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, सीएलपी आराधना मिश्रा और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जाने से पहले  प्रियंका गांधी मत्गजेंद्रनाथ शिव मंदिर रामघाट चित्रकूट में दर्शन करने पहुंचीं। 

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