69000 शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ यूपी के 50 से ज्यादा ज़िलों में हुआ प्रदर्शन

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प्रयागराज। 69000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में व्यापक पैमाने पर पेपर आउट की जांच समेत छात्रों द्वारा उठाए गए कई सवालों का जवाब दिए बिना ही सरकार आज 18 मई से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है जिसका 50 से ज्यादा जिलों के प्रतियोगी छात्रों ने विरोध करते हुए प्रतिवाद दिवस मनाया।

न्याय मोर्चा उत्तर प्रदेश के संयोजक सुनील मौर्य ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ जाने के बाद सरकार को आवेदन की प्रक्रिया को लाक डाउन जारी रहने तक रोक देनी चाहिए, नहीं तो ऑन लाइन काउंसिलिंग कराने में सैकड़ों छात्र छूट जाएंगे, जो घर से दूर हैं या जिनके डाक्यूमेंट्स यूनिवर्सिटी, कालेज से लेने हैं या कुछ प्रमाणपत्र के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाना है। खास तौर पर लड़कियों व गांव में रहने वाले छात्रों को मुश्किल उठाना होगा। उन्होंने कहा कि जो छात्र इलाहाबाद से घर जा चुका है वह अपनी काउंसिलिंग कैसे करवाएगा जबकि उसके डाक्यूमेंट्स इलाहाबाद में हैं।

उन्होंने कहा कि 6 जून तक नियुक्ति देने की जल्दबाजी भ्रष्टाचारियों व नकल माफिया को बचाने की कोशिश है। इस दौरान भर्ती नहीं कर लेते हैं तो सरकार को बड़ा विरोध देखने को मिलेगा।

आज विभिन्न जिलों के छात्रों ने पोस्टर – वीडियो जारी करते हुए सवाल उठाया कि पीसीएस परीक्षा की आवेदन की तिथि व बोर्ड की बची परीक्षाओं की तारीख़ अगर बढ़ायी जा रही है तो फिर क्यों सरकार 69000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र पूरा कर लेना चाहती है।

विरोध करने वाले छात्रों ने कहा कि जो छात्र हाईस्कूल, इंटर, स्नातक में प्रथम श्रेणी में नहीं आ सके, टेट परीक्षा में कम नंबर से पास हुए वे अचानक सुपर टेट में सुपर मैन कैसे हो गए यानि टापर हो गए। यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

इस मौक़े पर छात्रों ने टॉप 10 छात्रों का लाइव इंटरव्यू कराने की मुख्यमंत्री मंत्री से अपील की।

आंदोलनकारियों का कहना था कि छात्रों में रोष बढ़ रहा है, यदि लॉक डाउन नहीं होता तो हजारों छात्र पीएनपी घेर लेते और सरकार को उनके सवालों का जवाब देना पड़ता।

छात्रों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए निम्न सवालों का जवाब मांगा –

-वायरल उत्तर की जांच रिपोर्ट का क्या हुआ?

-एफआईआर दर्ज़ होने के बाद जेल भेजे गए लोगों के लिंक से नकल माफिया को क्यों नहीं पकड़ा गया?

-40,000 अभ्यर्थियों के रिज़ल्ट न आने के क्या कारण हैं?

-विवादित लगभग 10 प्रश्नों पर पीएनपी स्पष्टीकरण क्यों नहीं दे रहा है?

-150 में 130 नंबर से ऊपर पाने वाले की जांच क्यों नहीं। किसी का 144 अंक हासिल करना असम्भव लगता है?

छात्रों का कहना है कि 150 में 142 नंबर बिना नकल के संभव नहीं है। इस परीक्षा में जो भी 130 नंबर से ऊपर अंक हासिल किया है उन तक लीक पेपर जरूर पहुंचा होगा। कल राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन देकर अपनी आवाज उठाने की योजना बनी है।

न्याय मोर्चा के आह्वान पर इंकलाबी नौजवान सभा,  विद्यार्थी युवजन सभा, बीएड संघर्ष मोर्चा, राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद समेत लखनऊ, सीतापुर, प्रतापगढ़, लखीमपुर, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी, अमरोहा, भदोही, इलाहाबाद, कन्नौज, उन्नाव, बिजनौर, बरेली, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मिर्ज़ापुर, अलीगढ़, गोंडा, मुजफ्फरनगर, इटावा, सुल्तानपुर, बांदा, रायबरेली, चित्रकूट, बुलंदशहर, हरदोई, अंबेडकर नगर, समेत लगभग 50 जिलों के छात्र-युवा प्रदर्शन में शामिल हुए।

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