Thursday, December 2, 2021

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रोहतक: मुख्यमंत्री खट्टर को किसानों ने घेरा, पुलिस लाठीचार्ज में कई किसान घायल

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आज शनिवार को कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का विरोध करने पहुंचे आंदोलनकारी किसानों पर हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। झड़प में कई आंदोलनकारी किसानों व कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। आंदोलनकारी किसान व हरियाणा पुलिस आमने-सामने हैं और तनाव की स्थिति बनी हुई है। हरियाणा पुलिस के आला अफसर भी मौके पर पहुंचे हुए हैं।

वहीं आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि वह मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर नहीं उतरने देंगे। दरअसल मुख्यमंत्री खट्टर आईटीआई ग्राउंड में आयोजित सतगुरु दास शर्मा की शोक सभा में शामिल होने के लिए आये थे। अतः मुख्यमंत्री का हेलीपैड बाबा मस्तनाथ स्थित मठ में बनाया गया था। ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो।

बता दें कि आज शनिवार को आईटीआई ग्राउंड में भाजपा सांसद अरविंद शर्मा के पिता सतगुरु दास शर्मा की श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आये हैं। इस बात की सूचना जैसे ही तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को हुई तो आंदोलनकारी किसान मुख्यमंत्री का घेराव करने बाबा मस्तनाथ मठ के नजदीक पहुंचे गए, पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग पर रोकने की कोशिश किया तो पुलिस व आंदोनकारियों के बीच झड़प हो गई, जिसको लेकर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और दूसरी तरफ से आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया और कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स को मौके पर भेजा गया।

खट्टर के गोहाना आंवली गांव के दौरे पर संकट

वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का रविवार को पूर्व विधायक किताब सिंह मलिक की तेरहवीं में हिस्सा लेने के लिए गोहाना के आंवली गांव आना है। गौरतलब है कि गोहाना दिवंगत पूर्व विधायक किताब सिंह मलिक का गांव है और कल उनकी तेरहवीं में हिस्सा लेने के लिए सीएम को आना है। लेकिन भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को बयान दिया है कि मुख्यमंत्री खट्टर का हेलीकॉप्टर किसी भी कीमत पर आंवली गांव में बने हेलीपैड पर उतरने नहीं दिया जाएगा।

भाकियू की चेतावनी के बाद संभव है कि खट्टर का गोहाना दौर रद्द हो जाये। सोनीपत भाजपा के जिलाध्यक्ष और राई के विधायक मोहन लाल बड़ौली ने संकेत देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के दौरे पर पुनर्विचार सम्भव है। गौरतलब है कि किसान आंदोलन शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब भाजपा या जजपा का कोई बड़ा नेता गोहाना के किसी गांव में आ रहा है। इस जाट बाहुल्य क्षेत्र में विरोध सख्त होने को भांपते हुए दोनों दलों के शीर्ष नेता अब तक आने से गुरेज करते रहे हैं।

शोक व्यक्त करने गोहाना गांव आ रहे खट्टर के खिलाफ़ विरोध का बिगुल बजाते हुए भारतीय किसान यूनियन उन्हें आंवली न आने देने के लिए चेतावनी दी है। भाकियू नेताओं ने तीखे लहजे में कहा कि इलाके को सीएम मनोहर लाल की संवेदना की कोई ज़रूरत नहीं है।

प्रशासन ने सीएम के हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए हेलीपैड गांव आंवली में ही बनाया है। शुक्रवार को इसी हेलीपैड पर सोनीपत भाकियू के जिलाध्यक्ष अशोक मुंडलाना की टीम पहुंची है।

इससे पहले करनाल में किसानों के विरोध के चलते मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का हेलीकॉप्टर नहीं उतर पाया था। उन्हें अपनी किसान महापंचायत रद्द करनी पड़ी थी।

किसानों ने गुरुवार को दुष्यंत चौटाला को हिसार एयरपोर्ट के अंदर घेरा था

इससे पहले गुरुवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के सामने भी वैसी ही स्थिति बन गई थी जैसी कि आज खट्टर के सामने है। किसानों को जैसे ही यह भनक लगी कि उपमुख्यमंत्री हिसार एयरपोर्ट पर आ रहे हैं तो वहां भारी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। नतीजा, चौटाला को कई घंटे बाद किसी दूसरे रास्ते से बाहर निकालना पड़ा।

बावजूद उसके भी किसानों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। हरियाणा सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए 12 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने पड़े। हजारों की संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।

इससे पहले 30 मार्च को सिरसा में किसानों से घिरे दुष्यंत चौटाला को एयरलिफ्ट कराना पड़ा था। दरअसल हरियाणा के उपमुख्यमंत्री व जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला के सिरसा प्रवास के दौरान किसानों ने उन्हें होली पर्व पर अपने समर्थकों के बीच मिठाई बांटने से रोका। किसानों के गुस्से को देखते हुए मंगलवार को दुष्यंत चौटाला के सिरसा से बाहर निकलने के लिए राज्य सरकार की ओर से हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। चौटाला को भारी पुलिस फोर्स के साथ उनके आवास से निकालकर पुलिस लाइन में बने हेलीपैड तक ले जाया गया। किसानों ने जब पुलिस लाइन में दुष्यंत चौटाला को लेने आए हेलिकॉप्टर को देखा तो अलर्ट हो गए और एकत्रित होकर काले झंडे उठाए और विरोध जताते हुए पुलिस लाइन के मेन गेट तक पहुंच गए। आक्रोशित किसानों को रोकने के लिए पुलिस लाइन के इर्द-गिर्द भारी पुलिस बल तैनात किया गया था

किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के ऊपर चढ़कर चौटाला को काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी की। आक्रोशित किसान हेलीपैड तक पहुंचने की जिद करते रहे मगर पुलिस ने जैसे-तैसे उनको रोक लिया।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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