कई राज्यों ने स्थगित की बोर्ड की परीक्षाएं तो कुछ में बदली तारीखें

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, पंजाब  समेत कई राज्यों की राज्य बोर्ड परीक्षा की तारीखें बदल दी गई हैं।

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 व 12 की परीक्षायें टाल दी गई हैं। गुरुवार को योगी सरकार ने  बोर्ड परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है साथ ही 15 मई तक 12वीं तक के स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है। 

इससे पहले कल सूबे के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा था कि यूपी बोर्ड की तारीखों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की स्थिति का आकलन समय-समय पर किया जा रहा है। हमारे 19 अधिकारी जो बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित हैं, इनमें से 17 अधिकारी संक्रमित हैं। गौरतलब है कि 

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पहले 8 मई से शुरू होनी थीं। 10वीं की परीक्षा 25 मई को समाप्त होनी थी जबकि 12वीं की परीक्षा 28 मई को समाप्त होनी थी। लेकिन अब बोर्ड हालात की समीक्षा करने के बाद नया टाइम टेबल जारी करेगा।

महाराष्ट्र बोर्ड की तारीखें बदलीं

तीन दिन पहले कोरोना महामारी के बढ़ते हमले को देखते हुए महाराष्ट्र शिक्षा विभाग में कक्षा 10 व 12 की बोर्ड परीक्षाएं स्‍थगित कर दी थी। महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने 12 अप्रैल को ट्वीट करके कहा था कि महाराष्ट्र की वर्तमान कोविड-19 स्थिति को देखते हुए, हमने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी है। साथ ही उन्होंने कहा था कि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं मई के अंत तक आयोजित की जाएंगी। 10वीं कक्षा की परीक्षाएं जून में होंगी। इसी के मुताबिक नए तारीखों की घोषणा की जाएगी। 

इसके अलावा महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री ने CBSE, ICSE और IB से अनुरोध किया था कि वे अपनी परीक्षा की तारीखों पर पुनर्विचार करें। 

इस संदर्भ में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की छात्रों की मांग पर विचार करने का आग्रह किया था। 

सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं टली 

4 मई से शुरू होने वाली सीबीएसई बोर्ड की 12 वीं कक्षा की परीक्षाओं को कल 14 अप्रैल को जून तक के लिए टाल दिया गया है। जबकि सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। उनके इवैल्युएशन के तरीके पर विचार किया जाएगा। ये जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने दी है। 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं के स्टूडेंट्स को अगली कक्षा में प्रमोट करने के फैसले से अजमेर रीजन के राजस्थान और गुजरात स्टेट के करीब सवा लाख स्टूडेंट्स को फायदा होगा। ये छात्र बिना परीक्षा दिए ही 11 वीं कक्षा में प्रमोट किए जाएंगे। बोर्ड के अजमेर रीजन के राजस्थान और गुजरात के लगभग 1300 स्कूलों के विद्यार्थी कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले थे। कक्षा दसवीं की 4 मई से परीक्षाएं शुरू होनी थीं, लेकिन सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए दसवीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। अगर कोई छात्र बोर्ड की ओर से दिए गए मार्क्स से संतुष्ट नहीं होगा तो वो परीक्षा में शामिल हो सकता है, लेकिन ये परीक्षा तब होगी, जब इसके लिए देश में हालात सामान्य होंगे।

शिक्षा मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि शॉर्ट नोटिस पर 12वीं के ऑनलाइन एग्जाम संभव नहीं हैं। इतनी जल्दी छात्र अपने आपको ऑनलाइन पैटर्न के लिए कैसे तैयार करेंगे? ऐसे में एग्जाम ऑनलाइन करवाना और इन्हें कैंसल करने जैसे विकल्प संभव नहीं। 

ये फैसले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की बुधवार दोपहर करीब घंटे भर चली बैठक में लिया गया। इससे पहले कई नेता और राज्य सरकारें CBSE की परीक्षाएं टालने की मांग कर चुके थे।

CBSE की 10वीं और 12वीं की परीक्षा 4 मई से होनी थीं। ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन भी 10वीं और 12वीं की परीक्षा को टालने की मांग कर चुका था। इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से शिक्षा मंत्रालय को चिट्ठी लिखी गई थी। साथ ही छात्रों ने भी सोशल मीडिया पर #CancelBoardExam2021 कैंपेन चला रखा था।

CBSE की बोर्ड परीक्षाओं में 10वीं और 12वीं को मिलाकर करीब 35.81 लाख स्टूडेंट्स शामिल होने वाले थे। इनमें 12वीं के 14 लाख से अधिक और 10वीं के 21.50 लाख छात्र थे।

CBSE की दसवीं की परीक्षा में पिछले साल अजमेर रीजन में 1,14,000 से अधिक विद्यार्थी प्रविष्ट हुए थे, जबकि 12वीं कक्षा में 96 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रविष्ट हुए थे। इस बार दसवीं में करीब सवा लाख बच्चे और 12वीं में करीब 1 लाख बच्चे बैठने वाले हैं। बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि 12वीं की कक्षाओं की परीक्षाएं फिलहाल 4 मई से नहीं होंगी। यह परीक्षाएं कब होंगी, इसे लेकर जून में आयोजित की जाने वाली समीक्षा बैठक के बाद तय किया जाएगा।

राजस्थान बोर्ड पर भी टिकी निगाहें

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 6 मई से शुरू होने वाली हैं। इन परीक्षाओं में 21. 50 लाख विद्यार्थी बैठेंगे। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. जीपी जारोली ने 2 दिन पहले ही स्पष्ट किया है कि बोर्ड की मुख्य परीक्षाएं तय शेड्यूल के हिसाब से आयोजित होंगी, लेकिन इधर केंद्र सरकार के निर्णय के बाद अब माना जा रहा है कि राजस्थान बोर्ड भी अपनी परीक्षाओं को लेकर समीक्षा कर सकता है। प्रदेश भर के विद्यार्थी शिक्षक और अभिभावकों की निगाहें अब बोर्ड के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।

छत्तीसगढ़ में भी परीक्षा टली 

छत्तीसगढ़ में 10वीं की परीक्षाएं 15 अप्रैल से शुरू होने वाली थी, लेकिन बोर्ड ने इन्हें स्थगित कर दिया है। हालांकि, अभी बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ये एग्जाम 15 अप्रैल से 1 मई के बीच आयोजित होनी थी। वहीं 12वीं की परीक्षाएं अपने निर्धारित डेट शीट के अनुसार 3 मई से 24 मई तक आयोजित की जानी हैं। 

मध्य प्रदेश में टली परीक्षा की तारीख

 13 अप्रैल को राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस बारे में जानकारी दी है मध्यप्रदेश बोर्ड की 10 व 12 की परीक्षा टाल दी गई है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा  क्रमशः 30 अप्रैल और 01 मई 2021 से शुरू होने वाली थीं। लेकिन अब ये तारीखें आगे बढ़ाई जाएंगी। इंदर सिंह परमार ने  कहा है कि 30 अप्रैल से एमपी बोर्ड एग्जाम्स नहीं लिए जाएंगे। 15 जून 2021 तक क्लास 1 से 8वीं तक के सभी स्कूल्स भी बंद कर दिए गए हैं। 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित की जा रही हैं। इन एग्जाम्स की नई तिथियों की घोषणा अगले कुछ दिन में कर दी जाएगी।

हरियाणा में भी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द, 12वीं की परीक्षा स्थगित  

हरियाणा बोर्ड ने भी 10वीं की परीक्षा रद कर दी हैं जबकि 12वीं की परीक्षाओं पर बाद में फैसला लिया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बोर्ड की 10वीं की परीक्षाएं रद्द होने के बाद हरियाणा सरकार ने भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी सी 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ चर्चा की, जिसके बाद 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया गया। 12वीं की परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। इन पर एक जून को अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

गुजरात में बोर्ड परीक्षा टली

गुजरात सरकार ने गुरुवार को प्रदेश में कोरोना की स्थिति को देखते हुए 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षा 15 मई तक स्थगित कर दी है। कक्षा एक से नौ, कक्षा 11 के बच्चों को मास प्रमोशन का भी निर्णय किया गया। मुख्यमंत्री विजय रूपानी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गुजरात शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 व कक्षा 12 की 10 मई से होने वाली परीक्षाओं को स्थगित रखने का निर्णय किया गया है। 15 मई को स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करेंगे तथा उसके बाद ही परीक्षाओं की तिथि का निर्धारण किया जाएगा। राज्य सरकार ने कक्षा एक से कक्षा नौ के विद्यार्थियों को तथा कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं को मास प्रमोशन देने की घोषणा की है। 

राजस्थान में भी टली बोर्ड परीक्षा 

राजस्थान में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 और 12वीं की परीक्षा को स्थगित कर दिया है। 

राजस्थान में इससे पहले गहलोत सरकार कक्षा 6 और 7वीं के छात्रों को बिना परीक्षा के प्रमोट करने का फैसला किया था। अब कक्षा 10 और 12वीं की परीक्षा को स्थगित करने का फैसला किया है।

झारखंड बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर राज्य के शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने जो संकेत दिए हैं, उससे परीक्षा टलने की संभावनाएं अधिक लग रही हैं। माना जा रहा है कि सरकार एक दो दिन में इसमें बड़ा ऐलान कर सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अभी रांची से बाहर हैं। उनके आने के बाद बैठक करके परीक्षा पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही परीक्षा को लेकर क्या-क्या विकल्प हो सकता है, हम इसे टटोल रहे हैं। शीघ्र ही निर्णय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। इधर, झारखंड अध्यक्ष डा. अरविंद प्रसाद सिंह ने कहा कि परीक्षा आयोजन पर सरकार के निर्णय का इंतजार है। गौरतलब है कि झारखंड की मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 7.34 लाख परीक्षार्थियों को शामिल होना है। इसमें मैट्रिक में 4.3 लाख व इंटर में 3.3 लाख हैं।  झारखंड ने मैट्रिक व इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए 6 से 25 अप्रैल तक की तिथि निर्धारित कर दिया था। और स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षा चल रही है। 

वहीं कर्नाटक सरकार ने बुधवार को कहा है कि उसने राज्य बोर्ड 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द करने के संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।

राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने एक बयान में कहा, ”सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएसएलसी) परीक्षा 21 जून से होगी। बयान में कहा गया है कि सीबीएसई की तरह अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मंत्री के हवाले से बयान में कहा गया है कि हालांकि भविष्य में स्थिति के मद्देनजर उचित फैसला लिया जायेगा। गौरतलब है कि कर्नाटक उन कुछ राज्यों में से एक है जिसने 10वीं कक्षा की परीक्षा पिछले साल सफलतापूर्वक ढंग से आयोजित की थी। 

This post was last modified on April 15, 2021 9:36 pm

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