कहीं राजनीतिक लाभ तक न सिमट जाए सुशांत सिंह केस, 12 दिन की पूछताछ के बाद भी सीबीआई के हाथ खाली

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सुशांत सिंह राजपूत केस में चुनिंदा प्लांटेड स्टोरी सामने आ रही है, जिसमें प्रकारान्तर से सीबीआई जांच में अब तक कुछ ठोस न मिलने की बात कही जा रही है। ‘आजतक’ की वेबसाईट पर एक सितंबर को एक स्टोरी में सीबीआई के अज्ञात अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सुशांत केस में नहीं मिले मर्डर के सुबूत, अब सुसाइड एंगल पर फोकस किया जा रहा है।

इसके पहले 31 अगस्त को ‘न्यूज़ 18’ पर आई एक स्टोरी में कहा गया है कि सीबीआई के लिए रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार करना आसान नहीं, क्योंकि रिया के खिलाफ सीबीआई को ऐसे कोई पक्के सुबूत नहीं मिले हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हों कि सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या करने के लिए उन्होंने ही उकसाया था। इसमें बिना किसी सोर्स के मिली रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।

‘आजतक’ के अनुसार सीबीआई सुसाइड एंगल पर फोकस कर रही है। वह यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसमें सुसाइड के लिए उकसाने का केस तो नहीं बन रहा। सुशांत केस में सीबीआई लगतार जांच कर रही है। केस की मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती समेत केस से जुड़े बाकी लोगों से पूछताछ में सीबीआई कई राज सामने लाई है, लेकिन मौत की यह गुत्थी अभी भी सुलझ नहीं पाई है। सीबीआई को अब तक सुशांत के मर्डर का कोई सुबूत नहीं मिला है, हालांकि इनवेस्ट‍िगेशन अभी भी ओपन है। अब तक सीबीआई ने क्राइम सीन को रिक्रिएट किया है, मुंबई पुलिस द्वारा इकट्ठा सारे सुबूतों की जांच के साथ ही उसने केस के हर संदिग्ध से पूछताछ कर ली है।

सीबीआई को फोरेंसिक रिपोर्ट्स,  संदिग्धों के बयान या क्राइम सीन के रिक्रिएशन में मिली कोई भी रिपोर्ट होमीसाइड (हत्या) की ओर इशारा नहीं करते। उनकी जांच अभी भी जारी है। केस में सुसाइड एंगल पर और भी कड़ी जांच की जाएगी। वे इस मर्डर इनवेस्ट‍िगेशन को ऑफिशियली क्लोज नहीं कर रहे हैं। केस में अगला अहम सबूत एम्स फॉरेंसिंग टीम की रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में सुशांत सिंह राजपूत के पोस्टमार्टम और ऑटोप्सी रिपोर्ट्स मौजूद हैं।

‘न्यूज़ 18’ के अनुसार सुशांत की मौत की जांच में अब सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम जांच कर रही है। सीबीआई सुशांत सिंह की मौत के मामले में हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है। सीबीआई नहीं चाहती कि वह आनन-फानन में रिया को गिरफ्तार कर ले और कमजोर सुबूतों के आधार पर उन्हें तुरंत जमानत मिल जाए। यही नहीं इस केस पर अब हर किसी की नजर है, ऐसे में सीबीआई इस पूरी घटना से पर्दा उठाना चाह रही है, हालांकि इस पूरे मामले में कई तकनीकी पहलू भी हैं, जिसके कारण सीबीआई के लिए रिया को गिरफ्तार करना आसान नहीं दिख रहा है।

अभी तक मिली रिपोर्ट्स से मुताबिक रिया के खिलाफ सीबीआई को ऐसे कोई पक्के सुबूत नहीं मिले हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हों कि सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या करने के लिए उन्होंने ही उकसाया था, हालांकि सुशांत के पिता ने एफआईआर में रिया पर ही सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

सीबीआई के लिए सबसे बड़ी चुनौती है इस मामले में शामिल गवाहों के बयान। सीबीआई ने जब से इस मामले की जांच शुरू की है तब से ही सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी और कुक नीरज से पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी तक कोई भी गवाह अपने बयान पर स्थिर नहीं रह सका है। 13 जून और 14 जून को सुशांत के फ्लैट में क्या हुआ? इसको लेकर हर किसी के बयान में अंतर दिखाई दे रहा है। सीबीआई इन गवाहों की ओर से दिए गए बयान पर ये नहीं समझ पा रही है कि किसके बयान को सही माना जाए और किसके बयान को झूठा। रिया ने अगर सच में सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाया था तो सीबीआई का सबसे बड़ा हथियार सुशांत की अटॉप्‍सी, विसरा और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट बनती। ऐसे में सीबीआई को इन रिपोर्ट से कुछ हाथ नहीं लगा है।

गौरतलब है कि एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का शव बीते 14 जून को मुंबई के बांद्रा इलाके स्थित उनके फ्लैट में मिला था। पिछले महीने पिता केके सिंह ने पटना के राजीवनगर थाने में एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई इस मामले की जांच में जुटी हुई है। अब तक लगातार 12 दिन की पूछताछ हो चुकी है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

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