इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को जम्मू कश्मीर पुलिस ने चार दिन थाने के चक्कर कटवाए

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर पुलिस ने 15 जनवरी से 19 जनवरी के बीच इंडियन एक्सप्रेस के एक पत्रकार को चार दिन श्रीनगर के साइबर पुलिस थाने के चक्कर कटवाए। 

एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार श्रीनगर ब्यूरो में कार्यरत सहायक संपादक बशरत मसूद को पुलिस ने एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया कि वह ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे शांति भंग हो। मसूद ने बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।

मसूद 20 वर्षों से इंडियन एक्सप्रेस के लिए रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उन्हें 14 जनवरी को पुलिस ने फोन कर अगले दिन दोपहर साढ़े तीन बजे थाने बुलाया गया।

पुलिस उन्हें मजिस्ट्रेट के पास ले गई और बॉन्ड पर हस्ताक्षर के लिए कहा।

एक पुलिस अधिकारी ने अखबार को बताया कि पुलिस की कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 126 के तहत प्रिवेंटिव कार्रवाई थी।

मसूद ने मजिस्ट्रेट से कहा कि वह बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए कहे जाने का कारण नहीं जानते। पुलिस फिर उन्हें थाने ले गई और बिठा दिया। रविवार छोड़कर चार दिन में उन्हें थाने में कुल लगभग 15 घंटे बिठाकर रखा गया।

पुलिस ने उन्हें कोई कारण नहीं बताया। 

एक अन्य पुलिस अधिकारी के अनुसार कश्मीर घाटी की सभी मस्जिदों को पुलिस की तरफ से एक चार पृष्ठ का दस्तावेज भेजकर बजट, वित्तीय स्रोत और प्रबंधन समिति की जानकारी मांगने की मसूद की खबर को लेकर पुलिस ने उन्हें बुलाया था।

इंडियन एक्सप्रेस के प्रधान संपादक राजकमल झा ने एक बयान जारी कर कहा, “दो दशकों से मसूद का काम बोलता है। उन्होंने बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। अपने पत्रकारों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करने के लिए जो करना पड़े, करने के लिए इंडियन एक्सप्रेस कटिबद्ध है।

(जनचौक की रिपोर्ट।)

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