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मुकेश कुमार सिंह

कांग्रेस की बीमारियां उन्हें क्यों सता रहीं जिन्होंने इसे वोट दिया ही नहीं?

मध्यम वर्गीय, शिक्षित, खाते-पीते लोगों और ख़ासकर सवर्णों के बीच कांग्रेस की चिर परिचित बीमारियां अरसे से आपसी चर्चा का…

2 weeks ago

‘ग़रीब-कल्याण-रोज़गार’ के नाम पर अभी तो सरकार ने सिर्फ़ मुनादी ही करवाई है

कृपया मेरी इस वेदना पर यक़ीन करें कि 30 साल के अपने पत्रकारीय जीवन में मैंने कभी किसी एक ख़बर…

3 months ago

प्रधानमंत्री जी को ये हो क्या गया है?

सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने ऐसा धमाका करके दिखा दिया है, जैसा दुनिया के ज्ञात इतिहास में शायद ही कभी…

3 months ago

चीनी कब्जे से रिहा हुए सैनिकों की आड़ में ‘झूठ की खिचड़ी’ क्यों परोस रही है सरकार!

ये शब्द कड़वे भले लगें लेकिन हैं बिल्कुल सच्चे कि भारत सरकार, इसकी सेना और इसका विदेश मंत्रालय, देश को…

3 months ago

नेपाल पर भी हावी हैं राष्ट्रवादी लपटें, भारत-विरोध वहाँ की राजनीतिक मज़बूरी है

आख़िर क्यों, सदियों से भारत से दोस्ताना सम्बन्ध रखने वाला नेपाल देखते ही देखते दुश्मनों जैसा व्यवहार करने लगा? मौजूदा…

3 months ago

सरकार साफ़ क्यों नहीं बताती कि भारत-चीन वार्ता की एक और कोशिश भी नाकाम रही?

शनिवार, 6 जून को लेह-लद्दाख के चुशुल-मोल्डो क्षेत्र में सीमावर्ती बैठक स्थल पर हुई लेफ़्टिनेंट जनरल स्तरीय बातचीत भी बेनतीज़ा…

3 months ago

वेतन, EMI और प्रवासी: मोदी सरकार के दावों की पोल खुलनी शुरू

कोरोना संकट को लेकर केन्द्र सरकार ने जनता को राहत देने के लिए तरह-तरह की घोषणाएँ कीं। वित्त मंत्री तो…

4 months ago

‘उड़ता ताबूत’ की तरह ‘आत्मनिर्भर PPE’ के लिए भी एक जुमले की तलाश जारी है!

130 करोड़ भारतवासी देख रहे हैं कि हमारी सरकारें ग़रीबों की भूख और उनके सड़कों पर मारे जाने के प्रति…

4 months ago

जब आलम ‘समानान्तर सरकार’ का हो तो ‘गुस्ताख़’ हाईकोर्ट्स को माफ़ी कैसी?

कोरोना संकट की आड़ में जैसे श्रम क़ानूनों को लुगदी बनाया गया, क्या वैसा ही सलूक अब न्यायपालिका के साथ…

4 months ago

जब कर्ज़ लेने और देने वाले, दोनों भयभीत हों तो कोरोना पैकेज़ से क्या होगा?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर बनो’ वाले 12 मई के नारे के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने पाँच दिनों तक…

4 months ago