‘छल-प्रपंच’ हमेशा से राजनीति का अभिन्न अंग रहा है। ‘साम-दाम-भेद-दंड’ इसी के औज़ार हैं। दुनिया के किसी… Read More
मुकेश कुमार सिंह
दिल्ली हाईकोर्ट को लगा कि ‘राष्ट्रीय महत्व’ वाले ‘सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट’ को रोकना सही नहीं है और… Read More
जैसे पृथ्वी की श्वेत-श्याम कला को दिन और रात का नाम मिला, वैसे ही चन्द्रमा के इसी… Read More
क्या देश की एकता और समरसता से कैलेंडर या पंचांग का कोई नाता हो सकता है? आज़ादी… Read More
‘गुजरात मॉडल’ का नगाड़ा बजाने के बाद संघ-बीजेपी को ‘डबल इंजन’ का झुनझुना बजाने की जैसी लत… Read More
कुर्सी पर रहते हुए अपनी आभा गँवाने वाले भगवा नेताओं की सूची में त्रिवेन्द्र सिंह रावत सबसे… Read More
किसान आन्दोलन ने 100 दिन पूरा करके दुनिया में चले सबसे लम्बे प्रदर्शन का रिकॉर्ड बना लिया… Read More
चुनाव आयोग, क्या सरकारी कर्मचारियों को मतदाता नहीं मानता? क्योंकि यदि सरकारी कर्मचारी भी मतदाता हैं तो… Read More
बिहार की सियासी बिसात पर वैसे तो सभी ख़ेमों में भितरघाती चालों की सरगर्मियां हैं, लेकिन इसने… Read More
हाथरस वाले निर्भया कांड ने एक बार फिर देश के सामने महिलाओं के प्रति होने वाला अपराध… Read More